भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि दर कम होकर पांच फीसद रहना हैरत में डालने वाला है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार द्वारा उठाए गए कदम अर्थव्यवस्था में सुधार लाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीने से अर्थव्यवस्था सुस्त दिखाई दे रही है, उसमें तेजी लाने के लिए केंद्रीय बैंक नीतिगत दरों में कटौती कर रहा है।
दास ने कहा, ‘...सही कदम उठाए गए हैं, चीजों में सुधार आना चाहिए। यह एक सकारात्मक प्रवृत्ति है कि सरकार मसलों के समाधान को लेकर तेजी से कदम उठा रही है...।’ उन्होंने आगो कहा, ‘मेरे हिसाब से एक महत्वपूर्ण चीज है कृषि विपणन। निश्चित रूप से मैं सरकार की तरफ से कृषि विपणन के क्षेत्र में सुधारों के संदर्भ में कुछ कदम की अपेक्षा कर रहा हूं।’
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये हाल में कई उपायों की घोषणा की है। इसमें रीयल एस्टेट के लिये अलग से व्यवस्था, निर्यात प्रोत्साहन, बैंकों का एकीकरण और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों) ओर वाहन क्षेत्र के लिये प्रोत्साहन शामिल हैं। संरचनात्मक सुधारों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि आरबीआई सालाना रिपोर्ट में इसका जिक्र कर चुका है।