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जम्मू-कश्मीर पर आजाद और सोज के बयान पर भड़की भाजपा, कांग्रेस ने दी सफाई

Fri, 22 Jun 2018 02:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कश्मीर की सरकार से बेशक भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया है लेकिन वहां की सियासत पर हो रही गहमा-गहमी शांत होती नहीं दिख रही है। गुलाम नबी आजाद और सैफुद्दीन सोज के बयानों पर भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने कहा कि आजाद और सोज के बयानों पर सोनिया और राहुल गांधी को जवाब देना चाहिए।

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प्रसाद ने कहा, 'जम्मू और कश्मीर में साल 2012 में 72, 2013 में 67 आतंकियों को मार गिराया गया था। जून 2014 में हमारी सरकार के सत्ता में आने के बाद 2014 में 110, 2015 में 108, 2016 में 150, 2017 में 217 और मई 2018 तक 75 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है। ऐसे में गुलाम नबी आजाद को अपनी सरकार और हमारी सरकार के बीच फर्क देखना चाहिए। लश्कर-ए-तैयबा कांग्रेस की बात का समर्थन कर रहा है।'

केंद्रीय मंत्री ने सोज और आजाद के बयानों की वजह से कांग्रेस पार्टी को घेरते हुए कहा कि सोज के बयान पर कांग्रेस को जवाब देना चाहिए। आजाद के बयान से आंतकी खुश हैं। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने आजाद के बयान के समर्थन में अपना बयान जारी किया है। लश्कर के प्रवक्ता अब्दुल्ला गजनवी का कहना है कि महमूद शाह आजाद के बयान से सहमत हैं।  सेना पर नागरिकों को मारने का आरोप लगता रहता है। उनके मानवाधिकारों की बात होती है। क्या पत्रकार शुजात बुखारी के परिवार और बहादुर जवान औरंगजेब का कोई मानवाधिकार नहीं है।
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निर्मला सीतारमण द्वारा शहीद औरंगजेब के परिवार से मिलने जाने को कांग्रेस ने ड्रामा बताया था। इस पर पलटवार करते हुए प्रसाद ने पूछा कि औरंगजेब से मिलने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण गईं तो क्या यह ड्रामा है। अगर यह ड्रामा है तो 120 करोड़ लोग खड़े होकर कहेंगे कि मरहूम औरंगजेब के जज्बे को सलाम। आप इस तरह सेना के मनोबल को नहीं तोड़ सकते। औरंगजेब के पिता को सलाम जिन्होंने कहा है कि वह अपने दूसरे बच्चों को भी सेना में भेजेंगे। कांग्रेस इस समय उन लोगों के साथ खड़ी है जो देश तोड़ना चाहते हैं। यह किस तरह की राजनीति है? 

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए रविशंकर ने कहा, 'राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस की सोच, स्वरूप में काफी बदलाव आया है। कांग्रेस गैर-जिम्मेदाराना बयान, सियासत और टिप्पणियां कर रही है।' राहुल और सोनिया का गुलाम की टिप्पणी पर क्या कहना है। वह उसपर क्या कार्रवाई करने वाले हैं और क्या सोच रहे हैं उसके बारे में बताना चाहिए। वोट के लिए राहुल किसी भी हद तक जा सकते हैं और कांग्रेसी नेता तारिक हमीद कारा की भाषा आतंकियों जैसी है।
 

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जम्मू-कश्मीर : आजाद के बचाव में उतरी कांग्रेस, सोज पर कार्रवाई के दिए संकेत

Randeep Surjewala

कश्मीर पर पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के 'आजादी' संबधी विचार का समर्थन करने को लेकर कांग्रेस ने आज अपने नेता सैफुद्दीन सोज पर निशाना साधा और कहा कि किताब बेचने के लिए सस्ते हथकंडे अपनाने से यह सत्य नहीं बदलने वाला है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। पार्टी ने कहा कि उसकी जम्मू-कश्मीर इकाई सोज के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, 'किताब अभी सामने नहीं आई है। लेकिन अगर जो बातें अखबार में छपी हैं वो किताब में हैं तो हम उसे सिरे से खरिज करते हैं।' उन्होंने कहा, 'जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, अभिन्न हिस्सा है, और युग युगांतर तक अभिन्न हिस्सा रहेगा। किताब बेचने के लिए अगर कोई सस्ते हथकंडे अपनाता है तो उससे यह सच नहीं बदला जाएगा कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है।' सुरजेवाला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर इकाई सोज के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। उन्होंने इस संबंध में सवाल उठाने पर भाजपा पर भी निशाना साधा।

सुरजेवाला ने कहा कि यशवंत सिन्हा कश्मीर को लेकर बयान दे रहे हैं, कोई बात नहीं हो रही है। आडवाणी ने जिन्ना की तारीफ की, भाजपा ने पीडीपी के साथ सरकार चलाई। इन लोगों को जम्मू-कश्मीर पर बात करने से पहले खुद से सवाल करने चाहिए।

उधर, जम्मू कश्मीर के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोज ने कहा है कि अपनी किताब में जो बातें उन्होंने लिखी हैं वो उनकी निजी राय है और इनका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं है।

सोज ने  बातचीत में कहा, 'किताब में जो बातें मैंने की वो मेरी निजी राय है। पार्टी से इसका कोई मतलब नहीं है।' दरअसल, सोज ने अपनी पुस्तक 'कश्मीर: ग्लिम्पसेज ऑफ हिस्ट्री एंड द स्टोरी ऑफ स्ट्रगल' में परवेज मुशर्रफ के उस बयान का भी समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर वोटिंग की स्थितियां होती हैं तो कश्मीर के लोग भारत या पाक के साथ जाने की बजाय अकेले और आजाद रहना पसंद करेंगे।

गुलाम नबी आजाद के एक बयान पर सुरजेवाला ने कहा कि आजाद ने सिर्फ यह कहा है कि सैन्य अभियान के दौरान आम नागरिकों को कम से कम नुकसान होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस देश के सुरक्षा बल आतंकवादियों और माओवादियों को मुंहतोड़ जवाब देते आये हैं और आगे भी देते रहेंगे।
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