आतंकवाद से भी मिलकर निपटेंगे दोनों देश
भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई शुरू करने पर भी सहमत हुए हैं। दोनों देशों के बीच राज्य प्रायोजित और सीमा पार से आतंकवाद के खतरों से निपटने पर भी चर्चा हुई। इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ट्वीट किया, 2019 में दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाक सीमा से जारी आतंकवाद पर चर्चा करते हुए अमेरिका के साथ अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिति के बारे में भारतीय आकलन को साझा किया।
दोनों देशों ने आतंकवाद से मिलकर निपटने पर सहमति जताई। टू प्लस टू वार्ता में दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति कायम रखने के लिए जापान जैसे देशों के साथ समन्वय तेज करने पर भी सहमत हुए। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा, बैठक में आतंकवाद के खिलाफ भारतीय प्रयासों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा, चाबहार परियोजना के लिए अमेरिकी सरकार के समर्थन को दोहराने के लिए मैं सचिव पोम्पिओ का बहुत आभारी हूं, जो अफगानिस्तान को लाभ पहुंचाएगा।
जल संसाधन पर समझौता
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार के मुद्दे पर चल रही बातचीत को लेकर विदेश मंत्री जयशंकर ने भरोसा जताया कि इसका संतुलित परिणाम सामने आएगा जिससे दोनों पक्ष संतुष्ट होंगे। उन्होंने कहा, हमारे बीच जल संसाधन को लेकर भी एक समझौता हुआ है। यह समझौता हमारे मंत्रालय और अमेरिका के भूविज्ञान सर्वे के बीच जल प्रबंधन के क्षेत्र में गुणवत्ता परखने और सहयोग को लेकर हुआ है।
छह अरब डालर से अधिक की वृद्धि
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा कि भारत-अमेरिका बेहतर और एक दूसरे का ध्यान रखने वाले व्यापार समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 24 माह के दौरान अमेरिका से भारत को कच्चे तेल और एलएनजी के निर्यात में छह अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि हुई है। यह दोनों के लिए अच्छा है और मुझे इस पर गर्व है कि हम अपने सहयोगियों के साथ साझा दृष्टिकोण पर आगे बढ़ रहे हैं।
टू प्लस टू वार्ता सकारात्मक रही: भारत
अमेरिका के साथ मंत्री स्तरीय टू प्लस टू वार्ता को भारत ने सकारात्मक और लाभदायक बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ और विदेश मंत्री जयशंकर की उनके अमेरिकी समकक्षों के साथ हुई बैठक सकारात्मक, लाभदायक और सफल थी। बैठक शुरू होने से पहले रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री ने अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी मुलाकात की।