सूत्रों के मुताबिक, मलिक जिले के कई पार्षदों के संपर्क में थे। ईडी अधिकारियों को पता चला है कि इन पार्षदों के खातों में कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। इसी वजह से ईडी 75-80 पार्षदों की सूची तैयार कर रही है।
राशन घोटाले में ईडी वन मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक के करीबी पार्षदों की सूची तैयार कर रही है। उत्तर 24 परगना जिले की 27 नगर पालिकाओं में मलिक के करीबी पार्षद ईडी के रडार पर हैं। मलिक उत्तर 24 परगना जिला तृणमूल के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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सूत्रों के मुताबिक, मलिक जिले के कई पार्षदों के संपर्क में थे। ईडी अधिकारियों को पता चला है कि इन पार्षदों के खातों में कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। इसी वजह से ईडी 75-80 पार्षदों की सूची तैयार कर रही है। इन सभी के बैंक खातों से लेकर आय-व्यय तक की जांच की जाएगी और जरूरत पड़ी तो पूछताछ भी की जाएगी।
सीएम ममता ने दी थी धमकी
बता दें कि ज्योतिप्रिय मलिक से 17-18 घंटे की पूछताछ के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। वहीं, उनकी गिरफ्तारी से पहले गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर पूछताछ के दौरान मलिक को कुछ भी होता है तो वह पुलिस में शिकायत दर्ज कराएगी। क्योंकि मलिक अस्वस्थ्य हैं और वह कई बीमारियों से भी जूझ रहे हैं।
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गौरतलब है, कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने गुरुवार को मलिक के परिसर में छापेमारी की थी। उन्होंने उनके कोलकाता के एमहर्स्ट स्ट्रीट के आवास पर भी छापेमारी की। ज्योतिप्रिय मलिक के ऊपर कोविड लॉकडाउन के समय राशन वितरण के दौरान घोटाला करने का आरोप है।
ज्योतिप्रिय मलिक ने अपनी गिरफ्तारी को बताया षड़यंत्र
अपनी गिरफ्तारी को बंगाल के मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक ने एक षड़यंत्र बताया था। उन्होंने कहा, 'मैं एक बड़ी साजिश का शिकार हूं।' प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार 27 अक्तूबर को ज्योतिप्रिय मलिक को राशन वितरण घोटाले मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोलकाता के ईएसआई अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के लिए ले जाया गया।