यूपी में सत्ता पर काबिज समाजवादी पार्टी ने चाचा-भतीजे के बीच घमासान कम होने का नाम नहीं ले रहा है। अब दोनों के बीच टिकट बांटने को लेकर अपना-अपना वर्चस्व दिखाने की होड़ लगी हुई है। इससे पहले शिवपाल के साथ ही यूपी सीएम ने जया प्रदा समेत पांच अन्य मंत्रियों को भी मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया है। पिछले कई समय से चल रही इस सियासी उठापटक के बीच आपको बताते हैं कि यूपी सीएम और चाचा शिवपाल की अबतक कैसी रही है कैमिस्ट्री।
आपने इन दोनों चाचा-भतीजे के बीच की लड़ाई या मतभेद की बातें खूब सुनी होंगी, लेकिन आपको यह भी जानना चाहिए कि एक समय दोनों एक दूसरे के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते थे। चाचा शिवपाल भतीजे अखिलेश की हर ख्वाहिश पूरी करने के लिए हर संभव प्रयास ही नहीं करते थे, बल्कि उसे पूरी भी करते थे।
आइए ऐसे ही 10 फैक्ट्स के बारे में जानते हैं, जिससे ये साबित होता है कि चाचा-भतीजे में एक समय शानदार कैमिस्ट्री थी...
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अखिलेश के बच्चों की भी रखती हैं ख्याल
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अखिलेश और मुलायम
> राजनीति के शुरुआती दिनों में मुलायम सिंह यादव काफी व्यस्त रहते थे। बेटे अखिलेश यादव की उम्र जब पांच साल थी तभी मुलायम की पहली पत्नी मालती देवी की बीमारी से मौत हो गई। ऐसे में अखिलेश की परवरिश के लिए शिवपाल यादव और उनकी पत्नी सरला यादव आगे आईं। इन दोनों के ही सानिध्य में अखिलेश का पालन हुआ।
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अखिलेश की शादी में निभाई थी महत्वपूर्ण भूमिका
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अखिलेश यादव
> कहा जाता है कि शिवपाल यादव की पत्नी अखिलेश को अपने बेटे की तरह मानती थीं। वह उन्हें बचपन से पॉकेट मनी देती आ रही हैं। यहां तक की सीएम बनने के बाद भी उन्हें पॉकेट मनी देती हैं।
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अखिलेश और शिवपाल
> आज भी अखिलेश जब भी अपनी पत्नी के साथ विदेश दौरे पर रहते हैं तो उनके बच्चों की जिम्मेदारी शिवपाल की पत्नी ही उठाती हैं।
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शिवपाल के बेटे की शादी में भी दिखी थी अच्छी ट्यूनिंग
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
> मुलायम सिंह यादव अंग्रेजी शिक्षा के विरोधी रहे हैं। वह अखिलेश को देश में पढ़ाना चाहते थे। लेकिन, शिवपाल इसकी जरूरत को समझते थे। कहा जाता है कि अखिलेश को पढ़ाई के लिए विदेश भेजने का फैसला शिवपाल यादव ने ही लिया।
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शाही समारोह
- फोटो : सभी फोटो- अर्जुन साहू
> अखिलेश यादव ने अपनी प्रेमिका डिंपल यादव से शादी की इच्छा जताई तो मुलायम सिंह यादव इसके खिलाफ थे। मुलायम स्वजातीय बहू के पक्षधर थे। इसके बाद शिवपाल यादव और अमर सिंह ने ही वकालत करते हुए मुलायम को मनाया।
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
> अखिलेश यादव विदेश से पढ़ाई करके वापस लौटे तो उनकी राजनीति में इंट्री किस रास्ते से होगी इस पर परिवार विचार कर रहा था। इसके बाद शिवपाल यादव ने सुझाव दिया तो मुलायम ने कन्नौज की सीट खाली कर दी और इसके बाद वहां हुए उपचुनाव में अखिलेश की जीत हुई।
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
> साल 2012 के चुनाव से पहले जब अखिलेश प्रदेश में साइकिल यात्रा निकाल रहे थे तो शिवपाल यादव ने उन्हें राजनैतिक अभिभावक के तौर पर ही गाइड किया। अखिलेश की इस यात्रा को काफी सफल माना जाता है।
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शिवपाल यादव
- फोटो : Self
> अखिलेश जब मुख्यमंत्री बने तो मंत्रालयों से लेकर सरकार तक की बारीक शिवपाल ने मुलायम सिंह के साथ मिलकर उन्हें दी।
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मंत्री शिवपाल यादव
- फोटो : amar ujala
> सरकार बनने के बाद अखिलेश ने शिवपाल यादव को मनचाहे 9 मंत्रालय दिए। विवाद होने पर इन्हीं 9 मंत्रालय में से 7 ममंत्रालय को अखिलेश ने वापस ले लिया था।