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उचित देखभाल की प्रतिक्षा में हैं आईआईटी रुड़की में रखे नेहरू और शेक्सपियर से जुड़े दस्तावेज

Tue, 05 Feb 2019 10:25 AM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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जवाहरलाल नेहरू और विलियम शेक्सपियर - फोटो : अमर उजाला
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आईआईटी रुड़की की प्रतिष्ठित लाइब्रेरी में जवाहरलाल नेहरू और विलियम शेक्सपियर से जुड़े दुर्लभ दस्तावेज अपने उचित संरक्षण का इंतजार कर रहे हैं। जवाहलाल नेहरू से जुड़े दस्तावेजों में उनके द्वारा हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में किए गए दस्तावेज हैं। वहीं शेक्सपीयर का 1623 का एडिशन है। इतना ही नहीं यहां और भी हजारों पांडुलिपियां और अनदेखी तस्वीरें हैं। यहां महात्मा गांधी सेंट्रल लाइब्रेरी (एमजीसीएल) में रखी विजिटर्स नोटबुक में नेहरू ने '25 नवंबर, 1949' की तारीख के साथ तीन भाषाओं में अपने हस्ताक्षर किए हैं। 

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एमजीसीएल के लाइब्रेरियन डॉक्टर सी जयाकुमार कहते हैं कि एक छोटा सुधार जो नेहरू ने अपना नाम हिंदी में लिखते हुए किया था, उससे ये दस्तावेज और भी अधिक मूल्यवान बन जाते हैं। ब्रिटिश काल से ही बढ़ती रही इस लाइब्रेरी में अब अच्छा खासा कलेक्शन है। हालांकि वर्तमान में पांडुलिपियों और तस्वीरों को सामान्य स्थितियों में संग्रहित करके रखा गया है। कई जरूरी तस्वीरें जैसे 1950 के कॉनवोकेशन की तस्वीरों को बिना लेबल के रखा गया है। 

जयाकुमार का कहना है कि जब भी कोई बिना सूचीपत्र के संग्रहालय में आता है और ऐतिहासिक तस्वीरें देखने को कहता है तो ऐसे में तस्वीरों को धूल लगने का डर रहता है। वो कहते हैं कि बहुत सा मैटेरियल ऐसा है जिसे खोजकर्ताओं के लिए ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इसे खोजकर्ता ऑनलाइन देख सकते हैं।
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उनका कहना है कि वह आईआईटी रुढ़की एडमिनिस्ट्रेशन को लाइब्रेरी में एक छोटा संग्राहलय बनाने के लिए प्रपोजल भेज चुके हैं। ताकि ऐतिहासिक चीजों को संरक्षित करके रखा जा सके और वह नष्ट न हों। इसके साथ ही यहां आने वाले सभी लोग इन ऐतिहासिक चीजों को भी अच्छे से देख पाएं।     

आईआईटी रुढ़की के डायरेक्टर अजीत के चतुर्वेदी का कहना है कि "हम इस दिशा में आगे बढ़ेंगे, उनका प्रपोजल अभी तक पेंडिंग है।" चतर्वेदी का कहना है कि अगर खोजकर्ता या कोई अन्य व्यक्ति किसी दस्तावेज को लेकर कुछ जानना चहता है तो वह ऑनलाइन देख सकता है या फिर इंस्टीट्यूट को लिखित रिक्वेस्ट भेज सकता है।

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