Shatrughan sinha- Subodh kant sahay
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लोकसभा चुनाव बस कुछ ही महीनें दूर है। चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज है और आजकल बिहार इसका केंद्र बना हुआ है। एनडीए जहां एक ओर सीटों के बंटवारें को लेकर बातचीत के आखिरी चरण में है। वहीं महागठबंधन भी रालोसपा के आने से अपना कुनबा बढ़ने के बाद उत्साह में हैं। खबरों की मानें तो लालू भलें ही बीमार हैं मगर उन्हें इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी है। साथ ही वह रिम्स से ही महागठबंधन में अपनी पार्टी की भूमिका तय कर रहे हैं।
रिम्स बना लालू का वॉर रूम
हर शनिवार को लालू से तीन लोगों को मिलने की इजाजत है। आज इसी कड़ी में उनसे पटना साहिब से भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा, कांग्रेस नेता सुबोधकांत सहाय और झारखंड मुक्ति मोर्चा के हेमंत सोरेन ने मुलाकात की।
इससे पहले 19 दिसंबर को लालू यादव से उनके बेटे तेजप्रताप ने रांची जाकर उनसे मुलाकात की थी। लालू ने उन्हें पार्टी को आगे ले जाने का मंत्र दिया था।
दो दिन पहले हुई थी महागठबंधन की बैठक
20 दिसंबर को कांग्रेस के दिल्ली स्थित मुख्यालय पर बिहार में महागठबंधन के नेताओं की बैठक हुई थी। इसमें बिहार कांग्रेस के नेताओं के अलावा, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और राजद की तरफ से इसमें बिहार में नेता प्रतिपक्ष और लालू के छोटे बेटे तेजस्वी ने भाग लिया था। भाजपा को हारने के लिए कांग्रेस राज्यवार गठबंधन के फॉर्मूले पर काम कर रही है। बिहार को लेकर कांग्रेस आश्वस्त है यही कारण है कि इसकी शुरुआत बिहार से हो रही है।