भारत के पूर्व गृह सचिव जीके पिल्लई ने कहा कि आतंकी तहव्वुर राणा को निश्चित रूप से दोषी ठहराया जाएगा। संभव है मुंबई हमले में साजिश के लिए उसे मौत की सजा होगी। पूर्व गृह सचिव ने कहा, मुंबई हमले की पूरी साजिश डेविड कोलमैन हेडली ने रची थी। राणा उसका बेहद करीबी था। राणा ही वह शातिर था, जिसने मुंबई में (अपनी फर्म का) इमिग्रेशन ऑफिस स्थापित किया था, जिसमें हेडली को काम दिया गया था। फिर हेडली को भारत आने के लिए वीजा मिला था। भारत आने के बाद हेडली ने ही ताज होटल और अन्य जगहों की रेकी थी। फिर वह पाकिस्तान गया, जहां उसने आतंकियों के आकाओं को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद मुंबई पर हमला हुआ।
पूरी साजिश पाकिस्तान में रची गई
पूर्व गृह सचिव और भाजपा नेता आरके सिंह ने कहा कि राणा का प्रत्यर्पण अन्य आतंकियों के लिए संदेश है कि अगर आप किसी देश पर हमला करते हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप दूसरे देश में शरण लेकर बच सकते हैं। आपको उस देश में न्याय का सामना करना ही पड़ेगा, जहां आपने आतंकी गतिविधियां की हैं। उन्होंने कहा कि राणा की गवाही से उन जानकारियों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी, जो भारतीय अधिकारियों को अब तक पता नहीं हैं। मुंबई हमले की पूरी योजना पाकिस्तान में ही की गई थी।
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18 दिन के हिरासत में राणा
पटियाला हाउस कोर्ट मुम्बई में 26/11 आतंकी हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को 18 दिन की हिरासत में भेज दिया है। एनआईए ने 20 दिन की हिरासत की मांग की थी। अब राणा 18 दिनों तक एनआईए की हिरासत में रहेगा। इस दौरान एजेंसी उससे 2008 के घातक हमलों के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए विस्तार से पूछताछ करेगी। हमले में 166 लोग मारे गए थे और 238 से अधिक घायल हुए थे।
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एनआईए ने पेश कि पुख्ता सबूत
एनआईए ने 26/11 मुंबई हमलों के आरोपी तहव्वुर राणा की पुलिस हिरासत को सही ठहराने के लिए उसके द्वारा भेजे गए ईमेल समेत कई पुख्ता सबूत पेश किए थे। एजेंसी ने अदालत को बताया कि भयावह साजिश का पर्दाफाश करने के लिए हिरासत में पूछताछ बहुत जरूरी है। जांचकर्ता घातक आतंकी हमलों को अंजाम देने में राणा की भूमिका की भी जांच करेंगे। एनआईए राणा को पटियाला हाउस कोर्ट से अपने मुख्यालय ले आई है।