जेल में भी रामवृक्ष ने बना लिए थे अपने समर्थक
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, मथुरा-बरेली
2013 में मारपीट के एक मामले में रामवृक्ष यादव जेल गया तो वहां बैरक में भी उसने अपने समर्थकों की फौज तैयार कर ली थी। वह बंदियों से समाज बदलाव की बातें करता था। इतना ही नहीं बंदियों से कहता था कि वह जब जेल से बाहर आएं तो उससे मिलें। सब मिलकर क्रांति लाएंगे।
बाबा जयगुरुदेव का शिष्य रामवृक्ष यादव 2011 में मई माह में एक बड़ी रैली लेकर मथुरा आया था और उसने बाबा जयगुरुदेव आश्रम में शरण ली। वह यहां से चलने लगा तो एक दर्जन वाहनों के साथ आश्रम के पास स्थित जयगुरुदेव पेट्रोल पंप पर गया और एक रुपये में 40 लीटर पेट्रोल और 60 लीटर डीजल गाड़ियों में डालने को कहा।
कर्मचारियों के इंकार पर उसने और उसके साथियों ने पंप कर्मियों संग मारपीट कर दी, एक कर्मचारी को आग लगाकर जलाने का प्रयास किया। इस संबंध में थाना हाईवे पर क्राइम नंबर 378/2011 पर रामवृक्ष यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस घटना के बाद बाबा जयगुरुदेव ने रामवृक्ष को भगा दिया और उसकी संगत सदस्यता भी समाप्त कर दी थी। 13 दिसंबर 2013 को उसे गिरफ्तार किया गया और पांच जनवरी 2014 तक बंद रहा।
जेल से छूटने के बाद उसने एक धरना प्रदर्शन में जुटी भीड़ को देखा और फरवरी 2014 में उसने स्वाधीन भारत यात्रा में आने वाले दो हजार लोगों के लिए बाग में दो दिन ठहरने की अनुमति के लिए आवेदन किया था। अप्रैल 2014 में वह दो हजार लोगों को लेकर जवाहरबाग आया और इसके बाद वहीं जम गया।