डीएनए मिलान कराने को भी तैयार हैं एसएसपी।
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रामवृक्ष के जिंदा होने की चर्चाओं पर जिलाधिकारी व एसएसपी सामने आए और कहा कि रामवृक्ष मर चुका है। जलने से उसकी मौत हो गई थी। शिनाख्त भी करा ली गई थी। अगर कोई आपत्ति करता है तो हम डीएनए मिलान कराने को भी तैयार हैं।
पिछले दो दिनों से शहर में इस तरह की चर्चाएं चल रही हैं कि रामवृक्ष मरा नहीं जिंदा है। वह जवाहरबाग से अपने कुछ साथियों के साथ भाग गया था। डीएम निखिल शुक्ला और एसएसपी बबलू कुमार ने बुधवार को बताया कि रामवृक्ष जवाहरबाग में लगी आग में झुलसकर मर गया था। जेल में बंद कब्जाधारियों ने शिनाख्त भी कर ली है।
उसकी मौत के पर्याप्त साक्ष्य हमारे पास हैं। अगर कोई दावा करता है तो सुबूत पेश करे। अगर कोई आपत्ति करता है तो प्रशासन डीएनए सैंपल का मिलान कराने को भी तैयार है। दोनों अफसरों ने कहा कि जो फरार लोग हैं उनकी भी जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। सभी टीमें तेजी के साथ काम कर रही हैं।
रामवृक्ष के जीवित होने का नहीं मिला कोई प्रमाण
जवाहर बाग से नहीं मिला रामवृक्ष के जिंदा होने का सबूत।
- फोटो : अमर उजाला
आपरेशन जवाहर बाग में मारे गए कब्जाधारियों के नेता रामवृक्ष के जीवित होने की अफवाहों ने पुलिस को भी परेशान कर दिया। इसकी जांच कराई गई। गिरफ्तार किए गए उसके साथियों को उसकी फोटो कई बार दिखाई गई। उसके परिवार से भी संपर्क किया गया। इसके अलावा उसके जीवित होने का दावा कर रहे लोगों से इसके प्रमाण मांगे गए। उन्होंने कोई साक्ष्य मुहैया नहीं कराया। पुलिस की जांच में भी ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला। तब यह पूरी तरह मान लिया गया कि वह मर गया है।
बता दें, पुलिस ने उसके शव की शिनाख्त उसके फोटो के जरिए उसके साथी से कराई थी। तब कई लोगों ने सवाल खड़े किए थे। आईजी डीसी मिश्र का कहना है कि उसकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। उधर, पुलिस जल्द ही उसके परिवारीजनों के साथ उसके डीएनए का परीक्षण कराएगी। उसके शव के पोस्टमार्टम के बाद डीएनए सैंपल लिया गया था।
दो और शवों का पोस्टमार्टम
जवाहर बाग में मारे गए दो और कब्जाधारियों के शवों का पोस्टमार्टम एसएन मेडिकल कालेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस में किया गया। दोनों की मौत एसएन में उपचार के दौरान हुई थी। उनकी शिनाख्त नहीं हो पाई। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया कि एक के सिर में चोट थी। दूसरे की पसली टूटी मिली। दोनों की पिटाई की गई थी। पोस्टमार्टम वीडियो कैमरे के सामने डाक्टरों के पैनल ने किया। फिंगर प्रिंट और डीएनए सैंपल लिए गए हैं।