योग गुरु रामदेव ने कहा है कि उनकी योजना अगले पांच वर्षों में विश्वस्तरीय विद्यालय की शुरुआत करने की है। इससे देश के लगभग एक लाख छात्रों को विभिन्न विषयों में शिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए पहले ही 1,500 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है।
हयूस्टन में 23 अगस्त को एक कार्यक्रम में ‘योग और मन की शांति’ विषय पर बोलते हुए रामदेव ने कहा कि इस विश्वविद्यालय में शिक्षा का स्तर विश्वस्तरीय संस्थानों जैसा होगा। उन्होंने कहा कि उनकी योजना नई दिल्ली के नजदीक यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन जैसी विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय बनाने की है।
यह परियोजना लगभग 25 हजार करोड़ रुपये की होगी। उन्होंने कहा कि इस संस्थान की ख्याति उच्च शिक्षा के प्राचीन संस्थानों नालंदा और तक्षशिला के समान ही होगी ताकि दुनिया के विभिन्न हिस्सों के छात्र उच्च शिक्षा के लिए भारत को प्राथमिकता दें।
रामदेव ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से राष्ट्रीय और राज्य के स्तर पर वैदिक शिक्षा बोर्ड शुरू करने का अनुरोध किया ताकि शिक्षा की ‘गुरुकुल’ परंपरा को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ उसे प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विश्वविद्यालय तीन प्रमुख क्षेत्रों- स्वास्थ्य, व्यापार और शिक्षा पर ज्यादा ध्यान देगा।