भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में केस वापस लेने की घोषणा नई नहीं है। आठवले ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले ही विधानसभा में घोषणा की थी कि जिन लोगों के खिलाफ जांच में संगीन आरोप नहीं पाए जाएंगे, वह केस वापस लिए जाएंगे।
आठवले ने मांग की कि भीमा कोरेगांव और मराठा आंदोलन के बाकी मामले भी वापस लिए जाएं। उन्होंने कहा कि नक्सलवादी हों या माओवादी, वह नेपाल के पुष्पकमल दहल प्रचंड की तरह राजनीति की मुख्यधारा में आएं।
रामदास आठवले ने कहा कि पूरे देश में जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए। जाति आधारित जनगणना हुई तो यह पता चलेगा कि किस जाति के कितने लोग हैं। उन्होंने कहा कि मैं यह मानने के लिए तैयार नहीं हूं कि जनगणना से जातिवाद बढ़ेगा। आठवले ने माना कि जातिवाद खत्म होना चाहिए, लेकिन इतनी जल्दी यह खत्म नहीं होगा।
आठवले ने कहा कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे जीवनभर कांग्रेस से लड़े। आज उद्धव ठाकरे कांग्रेस के साथ सरकार में हैं। उन्होंने कहा कि अगर बाल ठाकरे का सपना पूरा करना है तो फिर से भाजपा और आरपीआई के साथ आएं। एक सवाल के जवाब में आठवले ने कहा कि महाराष्ट्र में तीन पहिए की सरकार है। कुछ दिन चली तो ठीक, नहीं तो हम सरकार चलाएंगे।