केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने सोमवार को अपनी पार्टी के नेता को महाराष्ट्र सरकार में मंत्री बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (ए) को महाराष्ट्र की भाजपा और शिवसेना की गठबंधन सरकार में मंत्री पद दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से मतदाताओं को भारतीय जनता पार्टी के साथ जोड़ने में मदद मिलेगी।
भाजपा से 11 साल से हैं संबंध, जुलाई में सरकार बनते ही 9 मंत्री पद
अठावले के बयान पर समाचार एजेंपी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने सोमवार को एक समाचार चैनल से बात करते हुए कहा कि अजित पवार के नेतृत्व वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गुट से नौ मंत्री बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2012 से ही उनकी पार्टी भाजपा के साथ है। इसके बावजूद उनकी पार्टी के पास कोई मंत्री पद नहीं है। बता दें कि अजित पवार ने इसी साल 2 जुलाई को भाजपा का दामन थामा है।
फडणवीस की सरकार में मंत्री पद मिला, पूरे राज्य में नेटवर्क का दावा
पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यकाल में मिले मंत्री पद का जिक्र करते हुए अठावले ने कहा, आरपीआई (ए) को भाजपा-शिवसेना की देवेंद्र फणडवीस सरकार (2014 और 2019 के बीच) मंत्री पद दिया गया था। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का नेटवर्क पूरे राज्य में फैला हुआ था।
समर्थन करना चाहते हैं दलित-बौद्ध मतदाता
वर्तमान राजनीतिक ताकत को लेकर अठावले ने कहा, "यह महत्वपूर्ण नहीं है कि आरपीआई (ए) के पास कितने सांसद, विधायक या पार्षद हैं।" उन्होंने कहा कि आरपीआई (ए) मतदाताओं को भाजपा की तरफ लाने में कामयाब रही है। बड़ी संख्या में दलित-बौद्ध मतदाता एनडीए और एकनाथ शिंदे सरकार का समर्थन करना चाहते हैं। केंद्रीय मंत्री ने दोहराया कि वे अपनी पार्टी के लिए एक मंत्री पद की मांग कर रहे हैं।
मराठा आरक्षण पर अठावले क्या बोले?
अठावले ने कहा, बीजेपी के साथ बातचीत में आरपीआई (ए) ने साफ किया है कि पार्टी को विधानसभा और लोकसभा में मौका मिलना चाहिए। मराठा समुदाय की कोटा मांग पर बोलते हुए, अठावले ने कहा कि इसे अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए ऐसी सुविधाओं को प्रभावित किए बिना दिया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र की राजनीति में दिलचस्प जोड़-तोड़
जोड़-तोड़ की राजनीति का सबसे ज्वलंत उदाहरण महाराष्ट्र को माना जा सकता है। विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनी, लेकिन सरकार कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना ने बनाई। उद्धव ठाकरे की लीडरशिप में चल रही महाविकास अघाड़ी सरकार शिवसेना विधायक एकनाथ शिंदे की बगावत के कारण गिरी। पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस अब डिप्टी सीएम हैं। एनसीपी नेता अजित पवार की हालिया बगावत भी सुर्खियों में रही। अब देखना दिचलस्प होगा कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले लोक सभा चुनाव से पहले भाजपा, अपने सहयोगी अठावले की मांग कैसे पूरा करती है। पार्टी को इसका कितना सियासी लाभ मिलेगा, इसका जवाब आने वाले समय में घोषित होने वाले चुनावी नतीजों से ही मिलेगा।