केंदीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को कहा कि शिवसेना को आदित्य ठाकरे के लिए उपमुख्यमंत्री का पद स्वीकार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि भाजपा ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाए जाने की बात पर सहमत होगी। ऐेसे में शिवसेना को देवेंद्र फडणवीस को ही मुख्यमंत्री बनने देना चाहिए।
बता दें कि शिवसेना राज्य में ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री चाहती है। शिवसेना कार्यकर्ता वर्ली विधानसभा सीट से पहली बार चुनाव लड़ने और जीतने वाले आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के तौर देखना चाहते हैं। इसके लिए मातोश्री (ठाकरे आवास) के बाहर पोस्टर भी नजर आए थे।
अठावले ने कहा, 'मेरा फॉर्मूला है कि भाजपा और शिवसेना साथ आएं क्योंकि उनके साथ जनता का जनादेश है। एनडीए को उतनी सीटें नहीं मिली जितनी की उम्मीद थी लेकिन उसके पास बहुमत है। निश्चित रूप से मुख्यमंत्री पद का दावा भाजपा का है। शिवसेना का कहना है कि उन्हें केवल 124 सीटें दी गई थीं। उन्हें केंद्र में मंत्री पद भी दिया जा सकता था।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैं दोनों पक्षों से बात करूंगा और इस मुद्दे को बातचीत के जरिए हल करने के लिए कहूंगा। मुझे उम्मीद है कि अगले चार-पांच दिनों में फैसला हो जाएगा।' बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा-शिवसेना के गठबंधन को बहुमत मिला है। भाजपा को 105 और शिवसेना को 56 साटों पर जीत मिली है।
राज्य को भाजपा देगी स्थिर सरकार
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बराबर की हिस्सेदारी मांग रहे शिवसेना नेताओं के बयानों को खारिज करते हुए कहा कि गठबंधन में उनकी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है और अगले पांच साल बीजेपी के नेतृत्व में ही सरकार चलेगी। उन्होंने कहा, 'जनता ने भाजपा, शिवसेना, आरपीआई, आरएसपी, शिव संग्राम वाले गठबंधन को बहुमत दिया है और फैसले का सम्मान होगा। किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। फैसले के अनुसार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। हम दिवाली के बाद विधायक दल का नेता चुनेंगे और इसके बाद नई सरकार का गठन होगा। बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार मजबूत और स्थिर सरकार देगी।'