जनता दल (सेक्युलर) नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी पार्टी राज्य में भाजपा सरकार को गिराने की कोशिश नहीं करेगी जैसे उसने उनकी गठबंधन सरकार को गिराया था। कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के इस कदम की तीखी आलोचना की है। विपक्ष के नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों का समर्थन करना घातक साबित होगा।
इससे पहले, कुमारस्वमी ने रविवार को कहा था कि वह राज्य में बीएस येदियुरप्पा सरकार को नहीं गिरने देंगे और विपक्ष की मध्यावधि चुनाव कराने की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे।
इसके जवाब में सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रति समर्पण का भाव दिखा कर जनता दल (एस) के नेता सांप्रदायिक ताकतों को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी ने पहले भी साम्प्रदायिक भाजपा के समर्थन से सरकार बनाई थी इसलिए मैं उनके बयान से बिल्कुल भी हैरान नहीं हूं।
पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मैंने कर्नाटक में भाजपा की सरकार गिराने की कोई कसम नहीं खाई थी बल्कि विधानसभा उप-चुनावों में इस भाजपा को हराने के साथ इनकी सरकार गिरने का अुमान जताया था।
उन्होंने कहा कि जिस तरह हाल ही में महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा के चुनाव में मतदाताओं ने दल बदलने वाले विधायकों को सिरे से नकार दिया था। वहीं, कर्नाटक के उप-चुनावों में भी होगा। यह बात पूरी तरह सच साबित होगी। कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल (एस) के विधायकों के दलबदल के बाद उप-चुनाव जरूरी हैं और जनता इन दोषियों को सबक जरूरी सिखाएगी।
सरकार गिराने की कोशिश नहीं करेंगे : कुमारस्वामी
बता दें कि एचडी कुमारस्वामी ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी भाजपा सरकार को गिराने की कोशिश नहीं करेगी जैसे उसने उनकी गठबंधन सरकार को गिराया था।उन्होंने यह भी कहा कि वह नहीं समझते हैं कि मध्यावति चुनाव होंगे।
उन्होंने बेलगावी में पत्रकारों से कहा कि अन्य पार्टियों के नेता सत्ता चाहते हैं, लेकिन हम नहीं चाहते हैं। हम प्रभावशाली विपक्ष के तौर पर काम करेंगे और उम्मीद जताते हैं कि सत्तारूढ़ भाजपा बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत देगी। कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें नहीं लगता है कि कर्नाटक में मध्यावधि चुनाव होंगे। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता सिद्धरमैया ने बार-बार कहा है कि राज्य में मध्यावति चुनाव हो सकते हैं।