विहिप और मुस्लिम नेताओं ने इस बीच आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर के राम जन्मभूमि मंदिर और बाबरी मस्जिद विवाद को सुलझाने के दावों को खोखला क रार दिया है।
श्री श्री ने एक टीवी चैनल पर दावा किया था कि उन्होंने सदियों पुराने इस विवाद का हल ढूंढ लिया है और वे मार्च के पहले सप्ताह में इसे मीडिया के सामने रखेंगे।
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष डा. प्रवीण तोगड़िया ने कहा - मामला अदालत में है। दोनों पक्ष जल्द से जल्द फैसले की उम्मीद कर रहे हैं। ऐसे में किसी समझौते की न तो कोई गुंजाइश है और न ही किसी ने हममें से किसी से बात करने का कोई प्रयास किया है।
जफरयाब जिलानी ने भी कहा - जब तक सुन्नी वक्फ बोर्ड और राम लला विराजमान के बीच अदालती मामले में सुलह नहीं होती तो किसी तीसरे पक्ष के राजी होने से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला।
पैगाम-ए-मोहब्बत
लेकिन आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर मंदिर-मस्जिद विवाद सुलझाने में कामयाब हों या न हों लेकिन कश्मीर घाटी में व्याप्त वैमनस्यता के माहौल को जरूर कम कर पा रहे हैं। वे 10 मार्च को श्रीनगर में पैगाम-ए- मोहब्बत नामक कार्यक्रम में आतंकवाद के शिकार-नागरिकों, सुरक्षाबलों और आतंकियों के परिवारों को एक साथ लाएंगे।
इससे पहले वे इसी तरह का एक कार्यक्रम गत 10 नवंबर के बंगलूरू स्थित अपने आश्रम पर कर चुके हैं। तब कश्मीर घाटी में हिंसा के शिकार 200 परिवारों ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। आर्ट ऑफ लिविंग के सूत्रों के अनुसार इस बार कार्यक्रम में भाग लेने वालों की संख्या पंद्रह हजार होने की आशा है।