पीएनबी के 11400 करोड़ रुपये के घोटाले में फंसे
नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों के करीब 4000 कर्मचारी सड़क पर आ गए हैं। इन दोनों से संबंधित शोरूम सील कर दिए गए हैं और इन्हें फरवरी माह का वेतन भी नहीं मिला है। इससे इन कर्मचारियों की इस बार की होली बेरंग हो गई है। नौकरी रहेगी या नहीं, यह भी बताने वाला कोई नहीं है। सरकार और जांच एजेंसियों की कोशिश से पीएनबी की कुछ रकम भले ही वापस आ जाए लेकिन इन कर्मचारियों के परिवार की खुशी लौटाने की बात कोई नहीं कर रहा है।
नीरव मोदी का समूह फायर स्टार डायमंड, सोलर एक्सपोर्ट्स, स्टेलर डायमंड, डायमंड आर यूएस के नाम से दुनिया भर में कारोबार करता है। इस समय कंपनी के गिली, नक्षत्र, अस्मि और संगिनी ब्रांड नाम से स्टोर भी चल रहे हैं जो या तो कंपनी के हैं या फिर फ्रेंचाइजी में। कंपनी ने सरकारी कंपनी एमएमटीसी के साथ संयुक्त उपक्रम भी बनाया है। नीरव मोदी के गबन और देश छोड़ने का मामला सामने आने के बाद से कर्मचारी घर बैठे हैं। यही नहीं, फ्रेंचाइजी चलाने वाले कुछ कारोबारियों के भी प्रतिष्ठान सील हो गए हैं या उनका कारोबार घट गया है। मेहुल के गीतांजलि जेम्स पार्क, हैदराबाद में करीब 600 लोग काम करते हैं जबकि सूरत स्थित विशेष आर्थिक क्षेत्र में 700 व्यक्ति। इसके मुंबई स्थित कारपोरेट ऑफिस में भी सैकड़ों कर्मचारी तैनात है।
शोरूम हो गया सील, घर बैठे हैं
दिल्ली-एनसीआर में गाजियाबाद के इंदिरापुरम स्थित शिप्रा मॉल में नीरव मोदी समूह के एक ब्रांड फ्रेंचाइजी में काम करने वाले एक कर्मचारी का कहना है कि फरवरी के तीसरे सप्ताह में ही उनके शोरूम में आयकर विभाग का छापा पड़ा था और शोरूम सील हो गया। इतने दिनों से वह घर बैठे हैं। होली से पहले वेतन ही नहीं आया और बाद में भी आने की कोई संभावना नहीं है। ऐसे में बच्चों के लिए रंग-अबीर, पिचकारी कहां से लाएं और घर में पकवान कैसे बने, समझ में नहीं आ रहा है। उनका कहना है कि नौकरी रहेगी या जाएगी, यह भी नहीं पता है।