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'कानून से ही राम मंदिर का निर्माण संभव'

Tue, 12 Apr 2016 02:49 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • तोगड़िया ने दिया संसद के दोनों सदनों की बैठक बुला कर कानून बनाने का सुझाव
  •  बोले, बातचीत से इस मुद्दे का हल निकलना होता तो 450 साल बर्बाद नहीं होते
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने एक बार फिर से राम मंदिर निर्माण मुद्दे को सियासी हवा देने की कोशिश शुरू कर दी है। सोमवार को भाजपा और मोदी सरकार के रुख के उलट विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण अदालत या बातचीत के जरिए संभव नहीं है।
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उन्होंने कहा कि महज केंद्रीय कानून बना कर ही हिंदुओं की आस्था से जुड़े राम मंदिर का निर्माण हो सकता है। तोगड़िया ने लगे हाथ मोदी सरकार को संसद के दोनों सदनों का संयुक्त बैठक बुला कर केंद्रीय कानून बनाने का सुझाव भी दे डाला।

हालांकि, इस दौरान तोगड़िया ने मोदी सरकार पर हमला बोलने से परहेज किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वचन के पक्के हैं। विहिप को उम्मीद है कि घोषणा पत्र में लगातार राम मंदिर निर्माण का वादा करने वाली भाजपा सत्ता में आने के बाद अपना वादा निभाएगी।
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एनआईटी विवाद पर भी नसीहत

- फोटो : PTI
विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा कि बातचीत से अगर इस मुद्दे का हल निकलना होता तो साढ़े चार सौ साल यूं ही बर्बाद नहीं होते। इसी प्रकार अदालत भी बीते सात दशक से इस मुद्दे की सुनवाई कर रहा है। इन दोनों ही रास्तों से मंदिर निर्माण का रास्ता निकलता नहीं दिखता। तोगड़िया ने मोदी सरकार को वाजपेयी सरकार के समय पोटा कानून के लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक बुलाए जाने की याद दिलाई। उन्होंने उम्मीद जताई कि अपने वचन के पक्के प्रधानमंत्री मोदी राम मंदिर निर्माण के लिए जरूरी केंद्रीय कानून केलिए यही रास्ता अपनाएंगे।

तोगड़िया ने श्रीनगर एनआईटी में भारत विरोधी नारे पर भी सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि पुलिस ने वहां भारत विरोधी नारेबाजी करने वालों को कुछ नहीं किया, जबकि इसका विरोध करने वाले देशभक्त छात्रों की बर्बर पिटाई की। उन्होंने इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों को बर्खास्त करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि अलगाववादी नेता गीलानी जब एम्स से इलाज कर श्रीनगर पहुंचे तो उनका स्वागत पाकिस्तानी झंडे और भारत विरोधी नारों से किया गया। इस मामले में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। तोगड़िया ने कहा कि राष्ट्रवाद के मामले में सरकार को दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखाने की जरूरत है।
 
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