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राम मंदिर के दान चोरी पर भड़के ट्रस्ट के सदस्य: बोले- सच आएगा सामने; 11 जुलाई की बैठक पर टिकी निगाहें

Fri, 26 Jun 2026 10:59 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, बंगलुरु

सार

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामी ने राम मंदिर डोनेशन विवाद पर कहा कि यदि हेराफेरी के आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने एसआईटी जांच का स्वागत करते हुए निष्पक्ष जांच और तथ्यों के सामने आने की बात कही। 
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अयोध्या राम मंदिर - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले डोनेशन में कथित हेराफेरी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विश्वप्रसन्न तीर्थ स्वामीजी ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा 'गंभीर अपराध' नहीं होना चाहिए था। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो दोषियों को कानून के मुताबिक उचित सजा मिलनी चाहिए।

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11 जुलाई की बैठक के बाद रखूंगा विस्तृत पक्ष
उडुपी के अष्ट (आठ) मठों में से एक पेजावर अधोक्षज मठ के प्रमुख स्वामी ने कहा कि पूरे मामले के तथ्य सामने आने चाहिए। ट्रस्ट का सदस्य होने के नाते वह अभी केवल दूसरी बातों के आधार पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। 11 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने के बाद ही पूरे मामले की जानकारी लेकर विस्तार से अपनी बात रखेंगे।

दान की रसीद देना और लेना दोनों की जिम्मेदारी
सिंधी समुदाय और शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत के उस दावे पर कि उन्हें ट्रस्ट को दिए गए डोनेशन की कोई रसीद नहीं मिली, स्वामीजी ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी राशि दान करने वालों को रसीद जरूर लेनी चाहिए थी। दान देने और लेने, दोनों पक्षों की जिम्मेदारी है। अगर रसीद नहीं दी गई है तो यह निश्चित रूप से एक बड़ी गलती है। साथ ही उन्होंने एसआईटी जांच का स्वागत करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
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करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है राम मंदिर
स्वामीजी ने कहा कि अयोध्या का राम मंदिर केवल एक या दो लोगों का नहीं, बल्कि देश और दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी। अगर गड़बड़ी हुई है तो यह भी सामने आना चाहिए कि आखिर यह कैसे और क्यों हुई। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए वह समय-समय पर सुझाव देते रहे हैं और उन्हें बताया गया कि उन सुझावों पर अमल भी किया गया। हालांकि, एक सदस्य के तौर पर हर काम की लगातार निगरानी करना संभव नहीं है।

सरकार की जांच पर जताया भरोसा
जांच से उम्मीदों पर स्वामीजी ने कहा कि उन्हें सरकार पर पूरा भरोसा है और विश्वास है कि पूरे मामले की निष्पक्ष तथा सही तरीके से जांच होगी। उन्होंने कहा कि लोगों ने जिस भरोसे के साथ ट्रस्ट पर विश्वास जताया है, उसे हर हाल में बनाए रखना चाहिए।

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मूर्तिकार अरुण योगीराज ने भी जताई चिंता
इस बीच, अयोध्या के रामलला की प्रतिमा के मूर्तिकार अरुण योगीराज ने भी पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई। मैसूरु में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि आरोपों की सच्चाई जल्द सामने आनी चाहिए और श्रद्धालुओं की आस्था की हर कीमत पर रक्षा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में कुछ भी गलत हुआ है तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और दोषियों को कड़ी सजा मिले।

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