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फारुक अब्दुल्ला को राम माधव की दो टूक, 35ए पर आपत्ति तो क्यों लड़ा था कारगिल का चुनाव

Sun, 09 Sep 2018 09:58 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राम माधव
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जम्मू-कश्मीर में नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री फारुक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी। फारुक अब्दुल्ला ने सख्त लहजे में कहा था कि केंद्र सरकार अनुच्छेद 35 ए और अनुच्छेद 370 पर अपना रुख साफ करे नहीं तो उनकी पार्टी केवल पंचायत और विधानसभा चुनाव ही नहीं बल्कि लोकसभा चुनावों का भी बहिष्कार करेगी।

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अब्दुल्ला के इसी बयान पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव राम माधव ने पलटवार करते हुए पूछा है कि उन्होंने कारगिल चुनाव क्यों लड़ा था? उन्होंने कहा, फारुक अब्दुल्ला ने हमेशा राजनीति की है और लोगों के राजनीतिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की कभी कोई कोशिश नहीं की। अब जब मोदी ऐसा करना चाहते हैं तो वह इसके खिलाफ बोल रहे हैं। यदि वह 35ए के मुद्दे पर पंचायत चुनावों का विरोध कर रहे हैं तो उन्होंने कारगिल चुनाव क्यों लड़े थे?

बता दें कि फारुक अब्दुल्ला ने कहा था कि केंद्र सरकार और राज्य प्रशासन को धारा 35ए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में डाली गई याचिका पर जोरदार तरीके से पैरवी करनी चाहिए। इससे पहले भी अब्दुल्ला ने 5 सितंबर को कहा था कि जब तक केंद्र सरकार इस पर अपने रुख को साफ नहीं करती है और राज्य में शांति की कोशिशों को आगे नहीं बढ़ाती तब तक हम इन चुनावों में हिस्सा नहीं लेंगे।
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हालांकि फारुक अब्दुल्ला को पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की महबूबा मुफ्ती का साथ मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं। महबूबा मुफ्ती भी अनुच्छेद 35ए का हवाला देते हुए पंचायत चुनावों का बहिष्कार करने का फैसला कर चुकी हैं। 6 सितंबर को पीडीपी के कोर ग्रुप की बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता रफी मीर ने भी कहा था कि पीडीपी पंचायत चुनावों से दूर रहेगी। मौजूदा हालात चुनावों के लिए उपयुक्त नहीं है और जब तक केंद्र सरकार अनुच्छेद 35ए पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करती, पीडीपी इस प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगी।
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