भाजपा के टिकट पर बने सांसद
छठवीं और सातवीं लोकसभा में वह भाजपा के टिकट पर मुंबई से सांसद चुने गए। स्वर्गीय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उन्होंने कानून और शहरी विकास मंत्री का कार्यभार संभाला था। हालांकि 2004 में उन्होंने वाजपेयी के खिलाफ लखनऊ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। वह बेशक आपराधिक मामलों के वकील थे लेकिन वह भारत के कानूनी समुदाय का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। वह संवैधानिक मामलों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मामलों में मौजूद रहे हैं। सात मई 2010 को उन्हें सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था।
आपकी उम्रसे ज्यादा मेरी वकालत का अनुभव
अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले राम जेठमलानी कई बार न्यायाधीशों से यह तक कह देते थे कि आपकी उम्र से ज्यादा तो मेरा वकालत का अनुभव है। उनकी इस बात का कोई बुरा नहीं मानता था। उन्होंने कानून के विषय पर कई किताबें लिखी हैं। नलिन गेरा और सुसान एडेलमेन ने उनकी आत्मकथा लिखी है जिनके नाम हैं- राम जेठमलानी: एन अनऑथॉराइज्ड बायोग्राफी और द रीबेल