राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट नियमित सुनवाई करेगा
उच्चतम न्यायालय में मंगलवार से राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित भूमि मामले में नियमित सुनवाई शुरू हो गई है। अदालत ने ऑडियो/ वीडियो रिकॉर्डिंग और केस की लाइव स्ट्रीमिंग या प्रसारण के लिए केएन गोविंदाचार्य के अनुरोध को रद्द कर दिया क्योंकि यह वर्तमान में संभव नहीं है।
लाइव अपडेट:
- 1934 से पहले मुसलमान वहां नियमित रूप से नमाज पढ़ते थे, उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था : उच्चतम न्यायालय।
- 1934 से 1949 तक मुसलमान विवादित ढांचे में जुमे की नमाज अदा करते थे: निर्मोही आखाड़ा ने उच्च न्यायालय के फैसले के आधार पर उच्चतम न्यायालय को बताया।
- निर्मोही आखाड़ा के वकील ने भूमि विवाद मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निष्कर्षों का हवाला दिया।
- किसी भी स्थिति में आपको उच्च न्यायालय के प्रारंभिक फैसले में विवादित भूमि का एक तिहाई हिस्सा दिया गया है: न्यायालय ने निर्मोही आखाड़ा से कहा।
- न्यायालय ने निर्मोही आखाड़ा से कहा कि वह अपनी दलीलों को दीवानी विवाद मामले तक ही सीमित रखे।
- हम किसी की दलीलों को छोटा नहीं करना चाहते, अदालत की गरिमा बनाए रखें : न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता राजीव धवन से कहा।
- किसी भी स्थिति में आपको उच्च न्यायालय के प्रारंभिक फैसले में विवादित भूमि का एक तिहाई हिस्सा दिया गया है: न्यायालय ने निर्मोही आखाड़ा से कहा ।
- सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही आखाड़ा से कहा कि वह अपनी दलीलों को दीवानी विवाद मामले तक ही सीमित रखे।
- हम किसी की दलीलों को छोटा नहीं करना चाहते, अदालत की गरिमा बनाए रखें : न्यायालय ने मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ता राजीव धवन से कहा।
- निर्मोही आखाड़ा ने रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया।
- पुरातन काल से उस जगह पर हमारा नियंत्रण, प्रबंधन है और राम लला की पूजा करते रहे हैं : निर्मोही आखाड़ा।
- निर्मोही आखाड़ा ने रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद की 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया।
- मैं इस क्षेत्र का प्रबंधन और नियंत्रण मांग रहा हूं : निर्मोही आखाड़ा ने न्यायालय से कहा ।
- 1934 से ही किसी भी मुसलमान को वहां प्रवेश की अनुमति नहीं थी और उसपर सिर्फ निर्मोही आखाड़ा का नियंत्रण था : आखाड़ा के वकील।
- बाहरी परिसर जिसमें सीता रसोई, चबूतरा, भंडार गृह हैं, वे आखाड़ा के नियंत्रण में थे और किसी मामले में उनपर कोई विवाद नहीं था: निर्मोही आखाड़े के वकील ने कहा।
- सैकड़ों साल तक अंदर के परिसर और राम जन्मस्थान पर हमारा नियंत्रण था : निर्मोही आखाड़ा।
- निर्मोही आखाड़ा के वकील ने अयोध्या मामले में बहस शुरू की, कहा-मुकदमा मूलत: वस्तुओं, मालिकाना हक और प्रबंधन अधिकारों के बारे में है।
- सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या मामले की सुनवाई की रिकॉर्डिंग करने की आरएसएस के पूर्व विचारक के एन गोविंदाचार्य की अर्जी खारिज की।