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Khadse Daughter Harassment: पुलिस बोली- POCSO कानून के तहत केस दर्ज, CM फडणवीस बोले- एक दल के नेताओं का कृत्य

Sun, 02 Mar 2025 03:24 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से की बेटी के साथ महाराष्ट्र के जलगांव में छेड़खानी का मामला सामने आया है। सीएम फडणवीस ने भी इस हाईप्रोफाइल मामले का संज्ञान लिया है। राज्य की पुलिस तत्परता से कार्रवाई कर रही है। जलगांव में पुलिस ने पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया है। फडणवीस के मुताबिक यह एक राजनीतिक दल के पदाधिकारियों की करतूत है।
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रक्षा खड़से ने बेटी से छेड़खानी मामले में महाराष्ट्र सरकार से कार्रवाई की अपील की - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाराष्ट्र से महिलाओं के खिलाफ अपराध का एक हाईप्रोफाइल मामला सामने आया है। केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से ने जलगांव में उनकी बेटी को परेशान किए जाने का आरोप लगाया है। जलगांव पुलिस ने इस संबंध में पॉक्सो कानून के तहत  छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज की है। इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा है कि इस शर्मनाक करतूत में एक पार्टी के पदाधिकारी संलिप्त हैं। फडणवीस ने आश्वस्त किया है कि पुलिस मामला दर्ज कर कार्रवाई कर रही है और दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
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मुख्यमंत्री बोले- उत्पीड़न अस्वीकार्य, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा
सीएम फडणवीस ने रायगड में एक सवाल के जवाब में कहा, 'एक पार्टी के कुछ पदाधिकारी हैं, जिन्होंने ऐसा काम किया है। यह घटिया हरकत है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया है। इस तहत का उत्पीड़न अस्वीकार्य है।' मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा, महिला उत्पीड़न के इन दोषियों को माफ नहीं किया जा सकता। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जब उन्होंने यह टिप्पणी की तो सीएम फडणवीस के साथ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।
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रक्षा खड़से की बेटी से छेड़खानी मामले में महाराष्ट्र सरकार और पुलिस सख्त - फोटो : एएनआई / अमर उजाला
शोहदों ने तीन-चार लड़कियों का पीछा कर छेड़खानी की
जलगांव के मुक्ताईनगर में पुलिस अधिकारी- एसडीपीओ कृष्णगत पिंगले ने कहा, '28 फरवरी को मुक्ताईनगर तालुका के कोथली गांव में एक यात्रा थी। इसी शहर में रहने वाले अनिकेत घुई और उसके छह दोस्त भी इस यात्रा में शामिल थे। यात्रा के दौरान अनिकेत और उसके दोस्तों ने तीन-चार लड़कियों का पीछा कर उनके साथ छेड़खानी की।'
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया
पिंगले ने पुलिस की कार्रवाई के बारे में बताया कि पीड़िता नाबालिग है। इसलिए पुलिस ने छेड़छाड़ करने के आरोप में पॉक्सो कानून के तहत मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि पॉक्सो के अलावा आईटी एक्ट की धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन टीमों का गठन किया है।

रक्षा खडसे। - फोटो : ANI
क्या है पूरा मामला, खुद केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से ने बताया
केंद्रीय मंत्री रक्षा खड़से ने बताया है कि घटना 26 फरवरी के दिन महाशिवरात्रि के मौके पर संत मुक्ताई यात्रा के दौरान घटी। रविवार को केंद्रीय युवा मामलों की राज्य मंत्री खड़से ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है। मुक्ताईनगर में पत्रकारों से बात करते हुए खड़से ने कहा, हर साल महाशिवरात्रि के अवसर पर उनके इलाके में संत मुक्ताई यात्रा निकलती है। दो दिन पहले उनकी बेटी यात्रा में शामिल होने गई। वहां कुछ युवकों ने उसे परेशान किया, जिनके खिलाफ जलगांव पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है।

एकनाथ खडसे (फाइल) - फोटो : ANI
महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ी
यह मामला इसलिए भी हाईप्रोफाइल है क्योंकि पीड़िता केंद्रीय मंत्री के अलावा महाराष्ट्र में पूर्व मंत्री रहे एकनाथ खड़से की नातिन भी है। इस पूरे घटनाक्रम पर एकनाथ खड़से ने कहा, पुलिस को पहले भी मनचले युवकों के खिलाफ कई शिकायतें मिली हैं। लड़के शातिर और आपराधिक मानसिकता के हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं। पुलिस से बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। लड़कियां शिकायत दर्ज कराने की हिम्मत नहीं जुटा पातीं। माता-पिता बदनामी के डर से बेटियों के नाम का खुलासा नहीं करते। तमाम पहलुओं के बावजूद उनके पास पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा था।
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अपराध (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
पूर्व मंत्री का आरोप- अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण हासिल है
एकनाथ खड़से ने कहा, उन्होंने पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) और पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) से खुद बात की है। उन्होंने कहा कि जलगांव पुलिस के पास शिकायत के लिए जब वे थाने गए तो उन्हें दो घंटे तक बिठा कर रखा गया। पुलिस ने लड़कियों से जुड़े मामले का हवाला देकर शिकायत दर्ज कराने के इरादे पर दोबारा विचार करने की नसीहत दी। बकौल खड़से, युवकों ने पुलिस के साथ मारपीट भी की है। ऐसे में कल्पना करना आसान है कि राजनीतिक संरक्षण के कारण आपराधिक मानसिकता के ये लोग किस हद तक जा सकते हैं। बता दें कि एकनाथ खड़से ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) छोड़कर करीब 10 महीने पहले भाजपा का दामन थाम लिया था।

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