भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि बाल्मीकि समुदाय के लोगों से किसानों को लड़ाने की भाजपा की साजिश कभी कामयाब नहीं होगी। आज भी हमारे गांवों में इस समुदाय के लोगों से सुबह-सुबह मिलना शुभ माना जाता है और जहां दो समुदायों के बीच इस तरह के प्रेम संबंध हों, वहां इन्हें तोड़ने वालों की साजिश कभी कामयाब नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि भाजपा के एक नेता ने जानबूझकर किसानों के साथ झगड़ा कर इसे किसान बनाम बाल्मीकी समुदाय का रंग देने की कोशिश की थी, लेकिन इस आंदोलन में भी बाल्मीकी समुदाय के लोग भारी संख्या में शामिल हैं, उनकी समझदारी से यह साजिश कामयाब नहीं हुई।
गाजीपुर बॉर्डर पर सोमवार को वाल्मीकि किसान पंचायत का आयोजन वाल्मीकि समाज की ओर से किया गया। इसमें कई सफाई कर्मचारी संगठन व सामाजिक संगठनों ने भाग लिया। इस मंच से बाल्मीकि समुदाय के नेता शिवराम सिंह ने कहा कि वाल्मीकि समाज हमेशा से किसान के साथ रहा है, किसान और हमें कभी लड़ाया नहीं जा सकता।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह ने कहा है कि वाल्मीकि समाज ने हमेशा सर्व खाप पंचायत के साथ मिलकर काम किया। यह बड़ी बहादुर बिरादरी है जिसके इतिहास में हजारों घटनाएं वर्णित हैं लेकिन इस समाज के इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई। तैमूर लंग से जब सभी बिरादरी लड़ीं उसमें धोरा वाल्मीकि ने साथियों के साथ बहादुरी का परिचय दिया और कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया।
वाल्मीकि क्रांति दल के अध्यक्ष दीपक गंभीर ने कहा कि अमित बाल्मीकी हमारा भाई है, उसको बहकाया गया था। हमने उससे बात की है और वाल्मीकि समाज आपके साथ रहेगा।
भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि हमने कहा है कि घर में सामने मेरे से वाल्मीकि की तस्वीर होनी चाहिए क्योंकि वाल्मीकि समाज के लोग अगर ना हो तो यह आपके घर और देश में गंदगी का अंबार लग जाएगा। वाल्मीकि समाज का करोना काल में दिया गया योगदान सराहनीय है जिसे भुलाया नहीं जा सकता।