मथुरा के जवाहर बाग कांड के वांटेड राकेश गुप्ता को आखिर बदायूं पुलिस ने पकड़ लिया है। उसको उसहैत थाना क्षेत्र में फर्रुखाबाद जिले की सीमा के पास शुक्रवार को दोपहर के समय पकड़ा गया। शाम छह बजे उसे पुलिस लाइंस लाया गया। यहां अतिथि गृह के एक कमरे में उससे गहन पूछताछ की जा रही है। यहां फोर्स लगाने के साथ मीडिया को भी दूर रखा गया। मथुरा पुलिस और एसटीएफ भी बदायूं पहुंच गई है।
मथुरा के जवाहर बाग में कब्जा जमाए लोगों के सरगना रामवृक्ष यादव समर्थक टॉप 20 खलनायकों में बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव गढ़िया शाहपुर का मूल निवासी राकेश गुप्ता भी शामिल था। राकेश पर जयगुरुदेव के नाम पर चंदा वसूलने और रामवृक्ष यादव को राशन व हथियार सप्लाई करने का आरोप है।
शुक्रवार दोपहर बदायूं पुलिस को सूचना मिली कि राकेश को उसहैत थाना क्षेत्र से सटी फर्रुखाबाद सीमा के पास देखा गया है। पुलिस ने सटीक सूचना पर उसे धर दबोचा। कड़ी निगरानी में उसको पुलिस लाइंस लाया गया। यहां शाम साढ़े छह बजे पहले एसपी सिटी अनिल यादव पहुंचे। उसके बाद मथुरा पुलिस की टीम यहां आ गई। कुछ देर बाद एसएसपी सुनील सक्सेना भी पहुंच गए।
कुछ देर रुकने के बाद वह मीडिया से कहकर निकल गए कि अभी मथुरा पुलिस पूछताछ कर रही है। एसटीएफ के भी यहां पहुंचने की सूचना है। राकेश गुप्ता, चंदन बोस और वीरपाल समेत टॉप 20 वांछितों की गिरफ्तारी को एसटीएफ, एसओजी, सर्विलांस टीम के साथ कई जिलों की पुलिस लगी हुई थी।
बदायूं में राकेश के तीन ठिकाने
मूल रूप से हजरतपुर थाने के गांव गढ़िया शाहपुर निवासी राकेश गुप्ता का एक मकान दातागंज कस्बे में कांसपुर रोड पर है। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइंस में उसका एक बंगला है। राकेश गुप्ता के पास करीब 150 बीघा जमीन के साथ अकूत संपत्ति है। उसने यह संपत्ति कैसे जुटाई, इसकी भी जांच अभी चल रही है। यह भी कहा जा रहा है कि यह संपत्ति रामवृक्ष यादव के लिए जुटाए गए चंदे की रकम से बनाई गई है।
Published By Rahul Sankrityayan