वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने सदन को अवगत कराया कि महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने सहमति देरी से दी और या सहमति देकर वापस ले ली। उन्होंने आंकड़ों का संदर्भ देते हुए दावा किया यह कांग्रेस और उनके गठबंधन के काल का घोटाला है, इस पर नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि वह सही उत्तर देने के बजाए दोषारोपण कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में कहा है कि एबीजी शिपयार्ड कंपनी और उससे संबधित बैंकिंग फ्रॉड यूपीए कार्यकाल में हुआ है। मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान इस मसले पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने- सामने आ गए। वित्त राज्यमंत्री ने सदन में कहा यह घोटाला में जांच की वजह राज्य सरकारों का रवैया भी है। केंद्र ने विपक्ष द्वारा सत्ता पक्ष पर जानबूझ कर की जा रही देरी के आरोपों का खंडन किया।
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उन्होंने कहा मामले की जांच में देरी वजह राज्य सरकारों द्वारा दी गई देर से सहमति भी थी। उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए प्रश्न और पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने सदन को अवगत कराया कि महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने सहमति देरी से दी और या सहमति देकर वापस ले ली। उन्होंने आंकड़ों का संदर्भ देते हुए दावा किया यह कांग्रेस और उनके गठबंधन के काल का घोटाला है, इस पर नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पलटवार करते हुए कहा कि वह सही उत्तर देने के बजाए दोषारोपण कर रहे हैं।
खड़गे ने कहा कि उन्हें मीडिया की सुर्खियां बनाने के लिए इस तरह से सदन को सही जानकारी न देना उनकी मंशा को साबित करता है। नेता विपक्ष ने कहा वह इस मसले पर सदन में चर्चा के लिए तैयार हैं। इसके लिए कांग्रेस पार्टी नोटिस भी देगी। कराड ने सदन को बताया कि पूरे मामले में जांच एजेंसियों द्वारा पड़ताल शुरु करने के दौरान होने वाली प्रतिक्रियाओं के कारण भी देरी हुई।
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इसके बाद उन्होंने सदन को बताया कि मामले में कार्रवाई की जा रही है। अब तक आठ लोगों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है। एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड-एबीजीएसएल को आईसीआईसीआई बैंक के नेतृत्व में सहायता संघ व्यवस्था के तहत कर्जा सुविधाएं प्रदान करने की अनुमति दी गई थी। कर्जदारों ने 2013 में खाते को अनर्जक आस्ति के रूप में घोषित किया था। इसके बाद 2014 में वित्तीय प्रक्रिया का पालन करके बैंकों द्वारा फॉरेंसिक लेखा परीक्षा के बाद भारतीय स्टेट बैंक ने नवंबर 2019 में मामले को लेकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो में एक शिकायत दर्ज कराई थी।