बॉयोमास, इथनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों के उपयोग को अनिवार्य करने वाले ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 सोमवार को राज्यसभा से पारित हो गया। इस बिल में कम से कम 100 किलोवाट के विद्युत कनेक्शन वाली इमारतों के लिए नवीकरणीय स्रोत से ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का प्रावधान किया गया है। लोकसभा इसे अगस्त महीने में मानसून सत्र में ही पारित कर चुकी है। सदन ने विधेयक के संबंध में विपक्षी सदस्यों द्वारा लाए गए संशोधन प्रस्तावों को खारिज कर दिया।
बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए ऊर्जा, नवीन और नवीकरणीय मंत्री आरके सिंह ने बिल को भविष्योन्मुखी करार दिया। उन्होंने कहा कि जो विकसित देश पहले हमें भाषण देते थे, अब वे हमारा काम देखते हैं। यह बिल जलवायु परिवर्तन संबंधी अपने लक्ष्यों को हासिल करने में भारत की मदद करेगा
फायदा...कार्बन बाजार तैयार होगा, कार्बन उत्सर्जन में आएगी कमी
आरके सिंह के अनुसार ‘कार्बन क्रेडिट’ कारोबार में जो कंपनियां या उद्योग अपने कार्बन उत्सर्जन को कम करेंगे, उन्हें रेटिंग दी जाएगी, लेकिन जो लोग अपने लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएंगे, उनके सामने दंड या फिर लक्ष्य से अधिक उत्सर्जन करने वालों से रेटिंग खरीदने का विकल्प होगा। इमारतों को क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल से जुड़े नियम अनिवार्य तौर पर मानने होंगे।