फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्यसभा से महज साढ़े तीन घंटे में पास हो गए सात बिल, जानिए इनकी अहमियत

Wed, 23 Sep 2020 06:10 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
राज्यसभा - फोटो : ANI
विज्ञापन

कोरोना काल में राज्यसभा का मानसून सत्र समय से पहले खत्म हो गया। 14 सितंबर से मानसून सत्र की शुरुआत हुई थी, जो एक अक्तूबर तक चलने वाली थी। मगर बुधवार को राज्यसभा को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा में हुए हंगामे की वजह से विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद अधिकतर विपक्षी दलों ने सदन का बहिष्कार कर दिया।  बावजूद इसके सदन की कार्रवाई चलती रही और साढ़े तीन घंटे में ही सात बिल पास हो गए। आइए जानते हैं वो सात बिल कौन कौन से हैं और इनकी क्या है अहमियत

विज्ञापन


भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान विधियां (संशोधन) विधेयक, 2020

भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान विधियां (संशोधन) विधेयक, 2020 सबसे पहले पास हुआ। इसके तहत पांच नए आईआईटीयों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान घोषित किया जाना है। बिल के पास होने से औपचारिक रूप से सूरत, भोपाल, भागलपुर, अगरतला और रायचूर में बनने वाली आईआईआईटी का रास्ता साफ हुआ है।


आवश्यक वस्तु संशोधन विधेयक, 2020

यह उन कृषि संबंधी विधेयकों में से एक है जिनका किसान और विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं। इसका उद्देश्य आवश्यक वस्तुओं की सूची से अनाज, दलहन, तिलहन, प्याज और आलू को निकालना और उन पर भंडारण की सीमा तय करने की सरकार की शक्ति को खत्म करना है।

विज्ञापन

बैंकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक

इस बिल का उद्देश्य सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की देखरेख में लाना है। 2019 में पीएमसी सहकारी बैंक में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया था, जिससे आम खाताधारकों की जमापूंजी के डूब जाने का खतरा पैदा हो गया था। सरकार का कहना है कि कॉपरेटिव बैंकों की गवर्नेंस में सुधार करने और जमाकर्ताओं के पैसे की सुरक्षा के लिए यह विधेयक लाया गया है।

कंपनी (संशोधन) विधेयक
कंपनी अधिनियम, 2013 का और संशोधन करने वाले इस विधेयक का उद्देश्य है पुराने कानून के तहत कुछ नियमों के उल्लंघन के लिए सजा को कम करना। विपक्ष की आपत्ति थी कि सजा कम करने से कंपनी मालिकों को लगेगा की वे वित्तीय अनियमितताओं के दोषी पाए जाने पर भी बच जाएंगे। इस अधिनियम के दायरे में सिर्फ बड़ी कंपनियां नहीं, बल्कि छोटे-छोटी कंपनियां भी हैं।

राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय विधेयक
इस विधेयक का उद्देश्य गुजरात स्थित गुजरात न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय न्यायालयिक विज्ञान विश्वविद्यालय बनाना और उसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देना है। बिल के अंदर यूनिवर्सिटी के निर्माण, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर, नीतियों, फंडिंग के बारे में बताया गया है।
विज्ञापन

राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय विधेयक

इस विधेयक का उद्देश्य है गुजरात में ही स्थित रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय बनाना और उसे भी राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देना। बिल का मुख्य लक्ष्य सेना, पुलिस और सुरक्षा से जुड़े अन्य विभागों के लिए रिसर्च करना, नई पीढ़ी को तैयार करना है।इसके तहत दुनियाभर की यूनिवर्सिटी, पाठ्यक्रम की स्टडी की जाएगी और यूनिवर्सिटी में शामिल किया जाएगा।

कराधान संबंधी विधेयक 2020
इस विधेयक का उद्देश्य कराधान यानी टैक्सेशन संबंधी नियमों में कुछ संशोधन करना था, जिससे कंपनियों को कोरोना वायरस महामारी की वजह से हुए नुक्सान को देखते हुए कर संबंधी नियमों के पालन और भुगतान आदि के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सके। यह एक धन विधेयक यानी 'मनी बिल' था, इसलिए इसे लोक सभा वापस लौटा दिया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें