राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने सदन के वेल में सीआईएसएफ की तैनाती का मुद्दा उठाया। उन्होंने उपसभापति हरिवंश से कहा कि मैंने आपको लिखा था- 'मैं राज्यसभा में विपक्षी दलों की ओर से आपको लिख रहा हूं। हम इस बात से हैरान और स्तब्ध हैं कि किस तरह CISF को सदन के वेल में आने के लिए मजबूर किया गया, जबकि सदस्य विरोध के अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर रहे थे। हमने इसे कल भी देखा और आज भी देखा। हमारी संसद को इस स्तर तक गिरा दिया गया है। यह बेहद आपत्तिजनक है और हम इसकी स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि भविष्य में CISF के जवान सदन के वेल में तब नहीं आएंगे, जब सदस्य सार्वजनिक चिंता के महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हों।'
इस पर राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'मैं स्पष्टीकरण के लिए एक बात पूछना चाहूंगा। विपक्ष के नेता बहुत वरिष्ठ नेता हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने सवाल उठाया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा था कि सदन में CISF के जवान लाए गए और दिल्ली पुलिस को लाया गया। यह रिकॉर्ड में स्पष्ट है कि केवल मार्शल ही सदन में प्रवेश कर सकते हैं। उस दिन केवल मार्शल ही यहां थे। इसलिए विपक्ष के नेता ने गुमराह किया और यहां गलत तथ्य पेश किए। उन्होंने आपको भी पत्र लिखा है। जब विपक्ष के नेता सभापति को गलत पत्र लिखते हैं और गलत तथ्य पेश करते हैं, तो उसके लिए क्या कार्रवाई होनी चाहिए?'
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, 'राज्यसभा के विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एक पत्र लिखा है। उपसभापति महोदय को संबोधित करते हुए और चर्चा के दौरान इसका उल्लेख करते हुए हमने इस पर आपत्ति जताई है। विपक्षी दल ने आरोप लगाया है कि सरकार ने सेना, पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों का इस्तेमाल किया है। सभापति महोदय ने स्पष्ट किया है कि किसी बाहरी सैन्य या पुलिस बल को तैनात नहीं किया गया है, बल्कि वे सदन के मार्शल हैं। नियमानुसार, केवल मार्शल ही संसद में प्रवेश कर सकते हैं। मार्शलों, सदस्यों और कर्मचारियों के अलावा किसी को भी संसद में प्रवेश की अनुमति नहीं है। विपक्ष ने मीडिया के माध्यम से झूठ फैलाया। उन्होंने सदन की मर्यादा को कम करने और देश को गुमराह करने की कोशिश की है।'
आज सदन से पारित करेंगे विधेयक: रिजिजू
रिजिजू ने कहा, 'सत्र शुरू हुए तीन हफ्ते हो गए हैं और हम एक भी विधेयक पारित नहीं कर पाए हैं। एक शिपिंग विधेयक राज्यसभा में पारित हो चुका है और लोकसभा में पेश किया जा चुका है। राष्ट्रपति शासन की अवधि बढ़ाने का एक वैधानिक प्रस्ताव लोकसभा में पारित हो चुका है और राज्यसभा में पेश किया जा चुका है। हम इसे आज राज्यसभा में पारित करेंगे। हमने विपक्ष से सहयोग करने का अनुरोध किया है। अन्य विधेयक लाने से पहले मैं विपक्षी दलों से सदन के कामकाज में बाधा न डालने का आग्रह करता हूं।'
राहुल गांधी को 'सुप्रीम' फटकार पर क्या बोले?
9 दिसंबर, 2022 को भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई झड़प पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी की टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से उनकी खिंचाई किए जाने पर रिजिजू ने कहा, '... अगर कोई देश के खिलाफ बोलेगा तो हमारा सर्वोच्च न्यायालय भी चुप नहीं बैठेगा। यह सभी के लिए एक सबक है। अगर आप एक जिम्मेदार नागरिक हैं, तो आप अपनी कही हर बात से बच नहीं सकते...'
एनडीए की बैठक पर क्या बोले रिजिजू?
एनडीए की बैठक पर रिजिजू ने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता पर एक प्रस्ताव पारित किया गया। हम राष्ट्र की ओर से अपने सशस्त्र बलों को उनके पराक्रम के लिए बधाई देते हैं, और हम हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे।'