राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री के आने से क्या होने वाला है, क्या परमात्मा हैं वो? वह कोई भगवान नहीं हैं। इस बयान पर गतिरोध के बीच राज्यसभा सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
मणिपुर हिंसा पर नियम 267 के तहत चर्चा की विपक्ष की मांग और बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी के संबंध में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी पर गतिरोध के कारण राज्यसभा को गुरुवार दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। खरगे ने आसन से नियम 267 के तहत मणिपुर पर चर्चा की अनुमति देने का आग्रह किया और पीएम मोदी की उपस्थिति की मांग की। इसके बाद जैसे ही सत्तारूढ़ सदस्यों ने आपत्ति जताई, उन्होंने उन पर हमला बोल दिया।
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उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री के आने से क्या होने वाला है, क्या परमात्मा हैं वो? वह कोई भगवान नहीं हैं। इस बयान पर गतिरोध के बीच राज्यसभा सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले सदन में विपक्ष और सत्ता पक्ष के सदस्य मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग को लेकर सदन में गतिरोध के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे। सभापति ने नियम 267 के तहत मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए प्राप्त नोटिस को खारिज कर दिया।
विपक्षी सदस्यों और सत्ता पक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने कड़ा रुख अपनाया है और पूछा है कि क्या मन का मिलन हो सकता है। उन्होंने खरगे और सदन के नेता पीयूष गोयल से विचार मांगे। नियम 267 के तहत मणिपुर पर चर्चा और पीएम मोदी की मौजूदगी की विपक्ष की मांग को लेकर सदन में गतिरोध देखने को मिल रहा है। सरकार ने कहा है कि वह नियम 176 के तहत विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है।