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Rajya Sabha: 'वो हमें गोलियों से भूनते रहे, हम उन्हें बिरयानी खिलाते रहे..', नड्डा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Wed, 30 Jul 2025 03:46 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

Rajya Sabha: राज्यसभा में 'ऑपरेशन सिन्दूर' पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सीमाओं का विकास नहीं हुआ, आतंकवाद पर कोई कड़ा कदम नहीं उठाया गया और तुष्टिकरण की नीति को अपनाया गया।
 
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केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ पर विशेष चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने न तो सीमा विकास पर ध्यान दिया और न ही आतंकवाद के खिलाफ कोई सख्त रुख अपनाया।

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नड्डा ने कहा, एक पूर्व रक्षामंत्री ने कहा था कि सबसे अच्छी रक्षा यह है कि सीमाओं का विकास ही न किया जाए। उनके अनुसार, अविकसित सीमा विकसित सीमा से ज्यादा सुरक्षित होती है। यही मानसिकता थी, जिसके तहत उस समय काम हो रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक पूर्व गृहमंत्री को कश्मीर जाने से डर लगता था। नड्डा ने कहा, 'उन्होंने कहा था, मुझे कश्मीर जाने में डर लगता है।' हालांकि उन्होंने किसी मंत्री का नाम नहीं लिया। नड्डा ने कहा, हम इस देश में अंधेरे में जी रहे थे। उन्होंने कहा, 2014 से 2025 के बीच जम्मू-कश्मीर को छोड़कर देश में आतंकवादी हमले बंद हो गए हैं।

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केंद्रीय मंत्री ने कहा, 2005 में दिल्ली में सीरियल बम धमाके हुए, 2006 में वाराणसी में आतंकवादी हमला हुआ, 2006 में मुंबई में लोकल ट्रेनों में बम धमाके हुए, लेकिन उस समय की सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा, उस समय भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार और पर्यटन चलता रहा। 

नड्डा ने कहा, हमारे पास वही पुलिस थी, वही सेना थी, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। 2009 में हुए शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में 2008 के इतने बड़े आतंकी हमले का कोई जिक्र तक नहीं हुआ। 
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उन्होंने आगे कहा, हमें उस समय की कांग्रेस सरकार की तुष्टिकरण की सीमा को समझना होगा। 2008 में जयपुर में इंडियन मुजाहिद्दीन द्वारा बम धमाकों के बाद भी भारत और पाकिस्तान के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए विशेष उपायों पर सहमति बनी थी। वो हमें गोलियों से भूनते रहे और हम उन्हें बिरयानी खिलाते रहे। उन्होंने नियंत्रण रेखा पार करने के लिए ट्रिपल-एंट्री परमिट की भी अनुमति दे दी थी। 

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