राज्य सभा के मार्शलों की नई यूनिफार्म
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पूर्व सैन्य अधिकारियों और विपक्ष के विरोध के बीच राज्यसभा के मार्शलों की नई पोशाक से सेना की वर्दी जैसी दिखने वाली टोपी को हटा दिया गया है। उच्च सदन में बृहस्पतिवार को मार्शल बिना टोपी लगाए देखे गए।
दरअसल, राज्यसभा सांसदों की परंपरागत वर्दी को नई पोशाक से बदला गया था। इसमें उन्हें सेना जैसी एक टोपी लगाने को दिया गया था। हालांकि जैसे ही सदन में मार्शलों को इस नई पोशाक में देखा गया तो विपक्ष के सांसदों ने इसका विरोध किया। इनकी फोटो वायरल होने पर पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह समेत कई अधिकारियों ने भी इसका विरोध किया।
इस पर सभापति वेंकैया नायडू ने 19 नवंबर को नई पोशाक लागू करने के फैसले पर पुनर्विचार का आदेश दिया था। जिसके बाद बृहस्पतिवार को मार्शलों की पोशाक से उस टोपी को हटा दिया गया।
वहीं, पीटीआई सूत्रों के हवाले से खबर है कि मार्शल अपनी पहले की वर्दी से नाखुश थे खासकर टोपी को लेकर। इसलिए चार-पांच विधानसभाओं के मार्शलों की यूनिफॉर्म को देखते हुए इसे डिजाइन किया गया है।