फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

JNU छात्र बोले- अरबों डॉलर से अमेरिकी तोप नहीं, छात्रों का निर्माण करें

Thu, 21 Nov 2019 09:48 PM IST
Trainee Trainee डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
विज्ञापन
एवीवीपी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

जेएनयू में हुई फीस वृद्धि ने आज छात्र नेताओं के बीच वैचारिक दूरीयां खत्म कर दीं। वाम विचारधारा के साथ-साथ दक्षिणपंथी पार्टियों के छात्र गुरुवार को साथ मिलकर सड़कों पर उतरे और जेएनयू प्रशासन से फीस वृद्धि को वापस लेने की अपील की। छात्रों ने अलग-अलग संस्थाओं में लगातार हो रही फीस वृद्धि को देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया और मांग की कि सरकार उच्च शिक्षा में अपना योगदान बढ़ाए। छात्रों का कहना था कि गुरुवार की ही सुबह अखबारों में पढ़ने को मिला कि सरकार एक अरब डॉलर से ज्यादा की लागत से अमेरिका से तोप खरीदने की तैयारी कर रही है। सरकार को चाहिए कि वह यह पैसा देश के छात्रों की पढ़ाई में लगाए। वे ऐसे तोप स्वयं बना लेंगे।

विज्ञापन

 
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अरबी भाषाओं की पढ़ाई कर रही प्रीति ने अमर उजाला से कहा कि यही सरकार तीन हजार करोड़ रुपया लगाकर सरदार पटेल की मूर्ति बनवाने को सही समझती है। लेकिन यही सरकार छात्रों को स्वयं सरदार पटेल जैसा बनाने के लिए उनको पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए कोई काम नहीं करती। सरकार के पहले कार्यकाल की बात हो या इस दूसरे कार्यकाल की, सरकार ने कोई बड़ा शैक्षणिक संस्थान खड़ा नहीं किया है, जबकि इसी दौरान आईआईटी और मेडिकल छात्रों की फीस बढ़ा-बढ़ाकर ऐसा कर दिया गया है कि जिससे गरीब छात्र पढ़ाई नहीं कर पाएंगे।

बिहार के गया से आने वाले दिव्यांग छात्र अमन, जो कि इस समय जेएनयू से स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं, ने कहा कि जेएनयू की प्रवेश प्रक्रिया में गरीब, पिछड़े और पर्वतीय इलाकों से आने वाले छात्रों को ज्यादा महत्त्व दिया जाता है जिससे वे भी इस संस्थान में पढ़ सकें। लेकिन अगर छात्रों को यहां पर रहने के लिए इतना भारी खर्च करना पड़ेगा तो उन इलाकों से आने वाले गरीब छात्रों को बीच में पढ़ाई छोड़ना पड़ेगा। उन्होंने अपना अनुभव बताया कि उनके क्षेत्र से आने वाले अनेक छात्र ऐसे हैं जिनके पास पुस्तकें खरीदने के लिए भी पैसे नहीं होते। लेकिन रईसों की दुनिया में जी रही सरकारों को इस बात का एहसास तक नहीं होता।
विज्ञापन


मानव संसाधन मंत्रालय तक मार्च

छात्रों ने दिल्ली के मंडी हाउस पर एकत्र होकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार से फीस वृ्द्धि को वापस लेने की मांग की। छात्रों का मार्च बाराखंभा रोड से होते हुए जंतर-मंतर और मानव संसाधन मंत्रालय तक पहुंचा। इस प्रदर्शन में सभी दलों के छात्र शामिल हुए। इतना ही नहीं, जेएनयू में हुई फीस वृद्धि के मामले पर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र भी आज सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सरकार के फैसले को देशहित के खिलाफ बताया।  

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें