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Rajya Sabha Election: शिवसेना का संभाजी छत्रपति की उम्मीदवारी मामले में भाजपा पर निशाना, कहा- यह सब भाजपा की गलत राजनीति

Mon, 30 May 2022 08:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

इस बीच राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस में उभरे असंतोष के बीच सोमवार को पार्टी के प्रत्याशियों पी चिदंबरम, जयराम रमेश, विवेक तन्खा और इमरान प्रतापगढ़ी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
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देवेंद्र फडणवीस - फोटो : ANI
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विस्तार
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शिवसेना ने सोमवार को भााजपा नेता देवेंद्र फडणवीस पर पूर्व सांसद संभाजी छत्रपति को मुश्किलों में डालने का आरोप लगाया। राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में संभाजी छत्रपति का समर्थन करने से शिवसेना के इनकार के बाद वह चुनावी दौड़ से हट गए थे। शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने शब्दों से पीछे नहीं हटे। इसके साथ ही पार्टी ने संभाजी छत्रपति द्वारा पिछले सप्ताह संवाददाता सम्मेलन में लगाए गए आरोपों का खंडन किया।

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संपादकीय में कहा गया कि शिवसेना ने हमेशा छत्रपति के परिवार का सम्मान किया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपनी बात से पीछे नहीं हटे। यह सब भाजपा की गलत राजनीति है। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए भाजपा पर राज्यसभा चुनाव में खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया और दावा किया कि भाजपा ने संभाजी छत्रपति को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास किया।

शिवाजी महाराज के वंशज संभाजी छत्रपति का राज्यसभा कार्यकाल हाल ही में पूरा हुआ है। उन्होंने घोषणा की थी कि वह राज्यसभा का आगामी चुनाव निर्दलीय लड़ेंगे और उन्होंने शिवसेना से समर्थन भी मांगा था। शिवसेना ने कहा था कि अगर वह पार्टी में शामिल हो जाते हैं तो वह उनका समर्थन करेगी। लेकिन उन्होंने पार्टी की इस पेशकश को अस्वीकार कर दिया। बाद में चुनावी दौड़ से हटने की घोषणा करते हुए संभाजी छत्रपति ने मुख्यमंत्री पर अपनी बात से पीछे हटने का आरोप लगाया था।
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हालांकि, संभाजी के पिता शाहू छत्रपति महाराज ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह दावा करना सही नहीं है कि मुख्यमंत्री अपनी बात से पीछे हटे। सोमवार को प्रकाशित संपादकीय में कहा गया कि जब तथाकथित वचन दिया गया था, उस समय फडणवीस वहां मौजूद नहीं थे। संभाजी छत्रपति और शिवसेना के बीच जो कुछ भी बातचीत हुई, वह चारदीवारी के भीतर थी। चर्चा यहीं तक सीमित थी कि संभाजीराजे निर्दलीय न लड़कर, शिवसेना के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ें।

चिदंबरम, रमेश और तन्खा ने भरा नामांकन
इस बीच राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस में उभरे असंतोष के बीच सोमवार को पार्टी के प्रत्याशियों पी चिदंबरम, जयराम रमेश, विवेक तन्खा और इमरान प्रतापगढ़ी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

कांग्रेस में उभरे असंतोष के स्वर
उम्मीदवारों के चयन को लेकर सवाल खड़े करने में सबसे मुखर आवाज अभिनेत्री और महिला कांग्रेस की महासचिव नगमा मोरारजी की सामने आई है। उन्होंने मुख्य रूप से इमरान प्रतापगढ़ी की उम्मीदवारी पर सवाल खड़े किए और दावा किया कि उनसे उच्च सदन में भेजे जाने का वादा 18 साल पहले किया गया था, लेकिन यह आज तक पूरा नहीं हुआ। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा, पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम और कुछ अन्य नेताओं ने भी राज्यसभा के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के चयन के संदर्भ में दबी जुबान या फिर खुलकर अपनी नाखुशी जाहिर की।

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