जाहिर है ऐसे में विधायकों के प्रथम वरीयता का मत पाने के लिए कुछ दलों के विधायकों को भाजपा उम्मीदवार के पाले में लाने के लिए कसरत शुरू होगी। इसके लिए विधायक अपनी पार्टी से बगावत या क्रास वोटिंग कर सकते हैं। बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी भी जेल में हैं और उनका वोट काफी माने रखता है।
कुल मिलाकर राज्यसभा चुनाव में मतदान की नौबत आना तय माना जा रहा है। इतना ही नहीं यह चुनाव समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के लिए नाक का सवाल बन गया है।
समाजवादी पार्टी ने जहां जया बच्चन को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है, वहीं बसपा ने भीमराव अंबेडकर को मैदान में उतारा है। बसपा के प्रत्याशी की जीत कांग्रेस और सपा के विधायकों के दम पर ही सुनिश्ति हो सकेगी।
समाजवादी पार्टी के पास कुल 47, बसपा के पास 19 और कांग्रेस के पास सात विधायक हैं। इस तरह से सपा के पास एक सदस्य को राज्यसभा में भेजने के बाद प्रथम वरीयता के दस वोट बचेंगे। इस तरह से बसपा के प्रत्याशी के पास 19, 10, और 07 को मिलाकर 36 विधायकों का समर्थन गणित है। ऐसे में भाजपा और संयुक्त विपक्ष(सपा, बसपा और कांग्रेस) की निगाह निर्दल मतो पर टिकी है।
विपक्ष के नेता मानते हैं कि भाजपा ने उ.प्र. में राज्यसभा चुनाव में फच्चर फंसा दिया है। इससे जया बच्चन और भीमराव अंबेडकर या फिर अनिल अग्रवाल में से कोई एक ही व्यक्ति राज्यसभा जा सकेगा।
बसपा ने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार को फूलपुर और गोरखपुर में समर्थन दिया है।
बदले में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और रालोद ने बसपा उम्मीदवार को राज्यसभा में भेजने का निर्णय लिया। बसपा, सपा, कांग्रेस, रालोद की यह स्थिति 2019 को ध्यान में रखकर बनने वाले राजनीतिक गठबंधन उ.प्र. विधानसभा की दलगत स्थिति संभावना पर टिकी है।
समझा जा रहा है कि इसके बाबत मायावती भी सहयोगियों पर दबाव बढ़ाएंगी। ऐसी दशा में जया बच्चन की सीट खतरे में पड़ने की संभावना पैदा हो सकती है। बहुत हद तक संभव है समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव कोई अप्रत्याशित निर्णय लेकर सबको चौंका दें।
राज्य विधानसभा की दलगत स्थिति
403 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा के 311, अपना दल(एस) के 09, एसबीएसपी के 04 विधायक हैं। इस तरह से सत्तापक्ष के पास कुल 324 विधायकों हैं। वहीं विपक्ष के खेमे में समाजवादी पार्टी के 47, बसपा के 19, कांग्रेस के 07, राष्ट्रीय लोकदल का एक, निषाद पार्टी का एक और तीन निर्दल विधायक हैं। यही विधायक राज्यसभा की रिक्त हुई 10 सीटों के लिए नये सदस्यों का चुनाव करेंगे।