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Rajya Sabha Election: भाजपा ने राज्यसभा से सभी को ऐसे साधा, जातिगत और इलाकाई समीकरणों के जरिए तैयार किया रोड मैप

सार

अभी भारतीय जनता पार्टी को दो टिकट और घोषित करने हैं, लेकिन वह दो सीटें कौन होगी उसकी फिलहाल अभी कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है।
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Rajya sabha election - फोटो : Rajya sabha election
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विस्तार
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भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के चुनावों में जो प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं, उससे न सिर्फ इलाकाई समीकरण सध रहे हैं बल्कि जातिगत समीकरणों का पूरा ध्यान रखा गया है। इसमें कुछ नाम तो ऐसे भी हैं जिनको लंबे अरसे बाद न सिर्फ जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बाद इनाम के तौर पर राज्यसभा सौंपी गई है। उत्तर प्रदेश में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 6 सीटों पर प्रत्याशी उतारने के बाद भारतीय जनता पार्टी अभी दो प्रत्याशी और उतारेगी। हालांकि, वह नाम कौन-कौन से होंगे, उसे लेकर के अभी भी कयास बाजी चल रही है।

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भारतीय जनता पार्टी ने इस बार उत्तर प्रदेश से लक्ष्मीकांत वाजपेई को राज्यसभा का प्रत्याशी घोषित किया है। वाजपेई की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश में 2014 का लोकसभा चुनाव हुआ था। जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश से जीत का इतिहास रचा था। उसके बाद से लेकर अब तक लक्ष्मीकांत वाजपेई रहे तो साइड में लेकिन तमाम जिम्मेदारियां जरूर संगठनात्मक तौर पर दी जाती रही। इसी तरह गोरखपुर सदर से योगी आदित्यनाथ के लिए अपनी सीट छोड़ने वाले डॉक्टर राधा मोहन अग्रवाल को राज्यसभा का प्रत्याशी घोषित कर इनाम दिया है। 

पूर्वांचल से ही भारतीय जनता पार्टी ने संगीता यादव को टिकट देकर यादव समुदाय को साधने की कोशिश की है। संगीता यादव गोरखपुर की चोरी चोरा सीट से विधायक हुआ करती थी, लेकिन इस बार के विधानसभा चुनाव में यह सीट निषाद पार्टी के खाते में चली गई। भारतीय जनता पार्टी ने संगीता यादव को राज्यसभा का प्रत्याशी घोषित कर इनाम दिया है। पश्चिम के बड़े नेता सुरेंद्र सिंह नागर ने एक बार फिर से भाजपा ने दांव लगाया है। राजनीति विशषज्ञों का मानना है कि भारतीय जनता पार्टी में नागर के नाम पर मोहर लगाकर पश्चिम की जातिगत समीकरणों को साधा है।
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पूर्वांचल में जिस तरीके से संगीता यादव, दर्शना सिंह और राधा मोहन अग्रवाल से न सिर्फ जातिगत समीकरण साधे हैं, बल्कि बाबूराम निषाद के साथ भारतीय जनता पार्टी निषाद समुदाय में अपनी पकड़ बनाने के लिए एक और बड़ा दांव लगाया है। राजनीतिक विश्लेषक जीडी शुक्ला कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ने इस बार उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा के सदस्य शिव प्रताप शुक्ला टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह पर ब्राम्हण प्रत्याशी लक्ष्मीकांत वाजपेई को आगे किया है। इस वजह से भारतीय जनता पार्टी ने ब्राह्मणों को साध कर देने की कोशिश की है। 

हालांकि, अभी भारतीय जनता पार्टी को दो टिकट और घोषित करने हैं। लेकिन वह दो सीटें कौन होगी उसकी फिलहाल अभी कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है। हालांकि चर्चा यही है कि भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम प्रत्याशी के तौर पर मुख्तार अब्बास नकवी को टिकट दिया जा सकता है। जबकि दो नाम और चर्चा में हैं। इसमें कांग्रेस से आए आरपीएन सिंह का नाम भी चर्चा में आगे चल रहा है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दो नाम जल्द ही घोषित कर दिए जाएंगे। 

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