राज्यसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार संशोधन विधेयक 2021 पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के सांसदों ने दिल्ली में उपराज्यपाल (एलजी) को और अधिक शक्ति देने का प्रस्ताव वाले विधेयक का विरोध किया।
सदन में जैसे ही उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा शुरू करने के लिए पुकारा, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा, इसे लेकर नोटिस लंबित है, इसलिए इस प्रस्ताव को पेश नहीं किया जा सकता।
इस पर उपसभापति ने उन्हें आश्वासन दिया कि प्रस्ताव को लाने दीजिए आपके नोटिस पर विचार किया जाएगा इस पर सिंह ने कहा यह आसांविधानिक है।
नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इसका विरोध किया और कहा, यह संशोधन विधेयक खतरनाक है। यह निर्वाचित सरकार के अधिकारों पर कुठाराघात करेगा उन्हें समाप्त कर देगा। यह दिल्ली और उसकी चुनी हुई सरकार को नष्ट कर देगा। खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार एलजी को प्रभावशाली बनाकर चुनी हुई सरकार को उसका सेवक बना देना चाहती है।
हंगामा बढ़ते देख उपसभापति ने सदन को 5.24 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया, पर सदन की कार्यवाही जैसे ही फिर से शुरु हुई, विपक्ष ने हंगामा शुरु कर दिया। जिसके चलते उपसभापति को सदन 5.40 बजे तक के लिए दोबारा स्थगित किया जिसे बाद में 5.53 बजे तक के लिए बढ़ाया गया।
सदन की कार्यवाही 6.10 बजे फिर शुरू हुई और संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदन को सूचित किया की सभी पार्टियों के साथ विचार विमर्श के बाद बुधवार को राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होगी।
आज शून्यकाल, प्रश्नकाल नहीं
जोशी ने बताया कि बुधवार को राज्यसभा में शून्यकाल, प्रश्नकाल और भोजनावकाश नहीं होगा। पहले वित्त विधेयक पर चर्चा होगी इसके बाद सदन में एनसीटी समेत अन्य विधेयकों पर चर्चा कराई जाएगी। लोकसभा में यह बिल सोमवार को ही पारित हो चुका है।
महाराष्ट्र का मुद्दा नहीं उठा पाई भाजपा
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान भाजपा ने मंगलवार को भी महाराष्ट्र के घटनाक्रम पर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई थी। भाजपा सांसद सुशील कुमार मोदी इसे शून्यकाल में उठाना चाहते थे लेकिन सभापति एम वेंकैया नायडू ने इसकी अनुमति नहीं दी।
शून्यकाल समाप्त होने वाला था तभी सुशील कुमार मोदी ने सभापति से कहा, मैंने एक शून्यकाल नोटिस दिया था। मोदी के ये कहते ही शोर शराबा शुरू हो गया। मंत्री रविशंकर प्रसाद भी कुछ कहना चाहते थे लेकिन सभापति ने दोनों ही नेताओं की इसकी अनुमति नहीं दी।
शोर शराबे के बीच सभापति ने कहा, आप प्रचार चाहते हैं। आपकी समस्या क्या है कुछ भी रिकार्ड में नहीं जाएगा। उन्होंने कहा मैं अनुमति नहीं दे रहा मतलब नहीं दे रहा ये तरीका नहीं है। सोमवार को हमने इसे लेकर सदन का काफी समय बर्बाद हो चुका
राज्यसभा ने जम्मू-कश्मीर, पुडुचेरी के विनियोग विधेयकों को लौटाया
राज्यसभा ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए केंद्र शासित राज्य जम्मू-कश्मीर और पुडुचेरी के विनियोग विधेयकों को मंगलवार को लौटा दिया। इन बिलों में दोनों केंद्र शासित राज्यों के लिए तय समेकित निधि से कुछ रकम के भुगतान और विनियोग का प्रावधान था।
विधेयकों को लोकसभा पहले ही पारित कर चुकी है। विनियोग और वित्त विधेयक को धन विधेयकों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जिन्हें राज्य सभा की स्पष्ट सहमति की आवश्यकता नहीं होती। इन्हें सिर्फ उच्च सदन में पेश किया जाता है और फिर लौटा दिया जाता है।
विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, अब बजट जनता के लिए नहीं बल्कि चुनाव में फायदा कमाने के लिए पेश किया जाता है। बजट कभी भी चुनावी भाषण जैसा नहीं होना चाहिए, यह लोगों के कल्याण के लिए होना चाहिए लेकिन मौजूदा सरकार में चलन बदल गया है।
आगे कहा कि सरकार ने सिर्फ पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल का जिक्र बार-बार बजट में किया क्योंकि वहां अगले महीने चुनाव होने थे। इसी तरह गोवा में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकार ने गोवा मुक्ति की 60वीं वर्षगांठ के समारोह के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया।