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Raju Srivastava Death: रोज 40 मिनट करेंगे यह योग कैप्सूल, तो सुरक्षित रहेंगे हार्ट अटैक से!

आशीष तिवारी
Updated Wed, 21 Sep 2022 11:05 PM IST

सार

Raju Srivastava Death: योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि योगशोध के अनुसार 40 मिनट के योगा प्रोटोकोल में मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार, गोमुखासन, ताडासन, अनुलोम विलोम, उज्जायी तथा भ्रामरी प्राणायाम को शामिल किया गया है...
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Raju Srivastava Death - फोटो : Amar Ujala

पूरे देश में दिल की बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तनाव के चलते लाइफस्टाइल संबंधित बीमारियों से तकरीबन हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित है। लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देने वाले हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव की हार्ट अटैक से बुधवार को एम्स में जंग लड़ते-लड़ते आखिरकार मृत्यु हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि अपनी लाइफस्टाइल को बदल कर दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं देश के अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ ने 40 मिनट के 'योगा कैप्सूल' की एक प्रणाली के माध्यम से देश के लोगों को जागरूक करने का प्रयास शुरू किया है। दो अक्तूबर तक देश के सभी राज्यों में चलने वाले इस शिविर के नतीजों को आयुष मंत्रालय में सौंपा जाएगा। ताकि लोगों को उसके नतीजे के आधार पर योगिक क्रियाओं से दिल की बीमारियों और अचानक होने वाले हार्ट अटैक से बचाया जा सके।

पूरे देश में शुरू हुई है मुहिम

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की कोषाध्यक्ष मोनिका शर्मा ने बताया कि देश के 650 जिलों में महासंघ के 1900 से अधिक पदाधिकारी लोगों को दिल की बीमारियों से बचाव के बारे में 40 मिनट की योगा कैप्सूल के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इस महा अभियान में 24 हजार से अधिक योग वीरों के माध्यम से मुख्य रूप से 28 वर्ष से 50 वर्ष तक के आयु वर्ग के 72 लाख लोगों को  योगाभ्यास कराया जा रहा है, जिसमें कि वह आकस्मिक रूप से होने वाले हार्ट अटैक से बच सकें। अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के चिकित्सकों के संगठन, देश के प्रमुख सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पुलिस, अर्ध सरकारी सैन्यबलों को प्रमुख रूप से जोड़ा गया है। घर की कामकाजी महिलाएं जिन पर अत्यधिक कार्य का दबाव रहता है, उन्हें योगाभ्यास कार्यक्रम में जोड़ा गया है। सभी 72 लाख लोगों का डाटा आयुष मंत्रालय में जमा किया जायेगा और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करके आने वाले समय में योग विशेषज्ञों के माध्यम से हॉस्पिटलों में लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ रखने रखा जाएगा।

यह है चालीस मिनट का योगा कैप्सूल

योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि योगशोध के अनुसार 40 मिनट के योगा प्रोटोकोल में मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार, गोमुखासन, ताडासन, अनुलोम विलोम, उज्जायी तथा भ्रामरी प्राणायाम को शामिल किया गया है।

  • अनुलोम-विलोम के नियमित अभ्यास से आकस्मिक होने वाले हार्ट अटैक में कमी आती है। ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है एवं बंद धमनियों के ब्लॉकेज खुल जाते हैं।
  • सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से रक्त प्रवाह बेहतर होता हैं। रक्त की तरलता बनी रहती है और रक्त गाढ़ा नहीं होता है।
  • उज्जायी एवं भ्रामरी प्राणायाम के प्रभाव से थाइराइड ग्रंथि में बनने वाले थायरोक्सिन हार्मोन का लेवल सही रहता है, जिससे हृदय गति सामान्य रहती है।
  • गौमुखसान नियमित अभ्यास से हृदय के आसपास की धमनियों में रक्त संचार बना रहता है तथा वहां वसा जमा नही होती है।
  • वहीं कपालभाति के नियमित अभ्यास से रक्त मे कोलेस्ट्राल का लेवल सही रहता है।
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Raju Srivastava Death - फोटो : Amar Ujala
पूरे देश में दिल की बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तनाव के चलते लाइफस्टाइल संबंधित बीमारियों से तकरीबन हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित है। लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देने वाले हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव की हार्ट अटैक से बुधवार को एम्स में जंग लड़ते-लड़ते आखिरकार मृत्यु हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि अपनी लाइफस्टाइल को बदल कर दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं देश के अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ ने 40 मिनट के 'योगा कैप्सूल' की एक प्रणाली के माध्यम से देश के लोगों को जागरूक करने का प्रयास शुरू किया है। दो अक्तूबर तक देश के सभी राज्यों में चलने वाले इस शिविर के नतीजों को आयुष मंत्रालय में सौंपा जाएगा। ताकि लोगों को उसके नतीजे के आधार पर योगिक क्रियाओं से दिल की बीमारियों और अचानक होने वाले हार्ट अटैक से बचाया जा सके।

पूरे देश में शुरू हुई है मुहिम

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की कोषाध्यक्ष मोनिका शर्मा ने बताया कि देश के 650 जिलों में महासंघ के 1900 से अधिक पदाधिकारी लोगों को दिल की बीमारियों से बचाव के बारे में 40 मिनट की योगा कैप्सूल के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इस महा अभियान में 24 हजार से अधिक योग वीरों के माध्यम से मुख्य रूप से 28 वर्ष से 50 वर्ष तक के आयु वर्ग के 72 लाख लोगों को  योगाभ्यास कराया जा रहा है, जिसमें कि वह आकस्मिक रूप से होने वाले हार्ट अटैक से बच सकें। अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के चिकित्सकों के संगठन, देश के प्रमुख सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पुलिस, अर्ध सरकारी सैन्यबलों को प्रमुख रूप से जोड़ा गया है। घर की कामकाजी महिलाएं जिन पर अत्यधिक कार्य का दबाव रहता है, उन्हें योगाभ्यास कार्यक्रम में जोड़ा गया है। सभी 72 लाख लोगों का डाटा आयुष मंत्रालय में जमा किया जायेगा और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करके आने वाले समय में योग विशेषज्ञों के माध्यम से हॉस्पिटलों में लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ रखने रखा जाएगा।

यह है चालीस मिनट का योगा कैप्सूल

योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि योगशोध के अनुसार 40 मिनट के योगा प्रोटोकोल में मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार, गोमुखासन, ताडासन, अनुलोम विलोम, उज्जायी तथा भ्रामरी प्राणायाम को शामिल किया गया है।
  • अनुलोम-विलोम के नियमित अभ्यास से आकस्मिक होने वाले हार्ट अटैक में कमी आती है। ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है एवं बंद धमनियों के ब्लॉकेज खुल जाते हैं।
  • सूर्य नमस्कार के नियमित अभ्यास से रक्त प्रवाह बेहतर होता हैं। रक्त की तरलता बनी रहती है और रक्त गाढ़ा नहीं होता है।
  • उज्जायी एवं भ्रामरी प्राणायाम के प्रभाव से थाइराइड ग्रंथि में बनने वाले थायरोक्सिन हार्मोन का लेवल सही रहता है, जिससे हृदय गति सामान्य रहती है।
  • गौमुखसान नियमित अभ्यास से हृदय के आसपास की धमनियों में रक्त संचार बना रहता है तथा वहां वसा जमा नही होती है।
  • वहीं कपालभाति के नियमित अभ्यास से रक्त मे कोलेस्ट्राल का लेवल सही रहता है।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने का तरीका

अपनी सुविधानुसार पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन में बैठ जाएं। दाहिने हाथ के अंगूठे से नासिका के दाएं छिद्र को बंद कर लें और नासिका के बाएं छिद्र से चार तक की गिनती में सांस को भरें और फिर बायीं नासिका को अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद कर दें। तत्पश्चात दाहिनी नासिका से अंगूठे को हटा दें और दायीं नासिका से सांस को बाहर निकालें। अब दायीं नासिका से ही सांस को चार की गिनती तक भरें और दायीं नाक को बंद करके बायीं नासिका खोलकर सांस को चार की गिनती में बाहर निकालें। इस तरह से अनुलोम विलोम प्राणायाम का एक चक्र पूरा होता है। इसे अपनी क्षमता अनुसार 10 से 15 मिनट तक नियमित रूप से कर सकते है

भ्रमारी प्राणायाम की विधि

  • सबसे पहले एक स्वच्छ और समतल जगह पर दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाएं। पद्मासन या सुखासन में बैठें।
  • अब दोनों हाथों को बगल में अपने कंधों के समांतर फैलाए।
  • दोनों हाथों को कुहनियों से मोड़कर हाथ को कानों के पास ले जाएं।
  • अब दोनों हाथों के अंगूठों से दोनों कानों को बंद कर लें।
  • कमर, पीठ, गर्दन तथा सिर को सीधा और स्थिर रखे। अब नाक से सांस को अंदर लें। नाक से सांस बाहर छोड़े।
  • सांस बाहर छोड़ते समय गले से भंवरे जैसी आवाज करनी है। यह आवाज पूर्ण श्वास छोड़ने तक करनी है और आवाज आखिर तक समान होनी चाहिए।

योग गुरु मंगेश त्रिवेदी कहते हैं कि सांस अंदर लेने का समय 10 सेकंड तक होना चाहिए और बाहर छोड़ने का समय 20 से 30 सेकंड तक होना चाहिए। शुरुआत में पांच मिनट तक करें और अभ्यास के साथ समय बढ़ाऐं। योगनिद्रा का अभ्यास तनाव उत्पन्न करने वाले कॉर्टिसोल हार्मोन को कम करता है, जिससे हम हृदय रोगों से सुरक्षित रहते हैं। क्योंकि हृदय रोगों एवं आकस्मिक हार्ट अटैक का एक सबसे बड़ा प्रमुख कारण तनाव होता है।

तैयार किया 40 मिनट का कैप्सूल

आकस्मिक रूप से होने वाले हृदयाघात से बचाने के लिए अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के योग विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक विशेष रूप से 40 मिनट का योग कैप्सूल तैयार किया है। इसमें उन योग क्रियाओं को शामिल किया गया है जो हृदय रोग से बचाता है और आकस्मिक रूप से हार्ट अटैक के द्वारा होने वाली मौतों से बचाता है।

अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के प्रमुख मंगेश त्रिवेदी बताते हैं कि नियमित रूप अपनी जीवनचर्या मे योग को अपनाकर स्वस्थ रहने वाले प्रधानमंत्री मोदी के 72वें जन्मदिन से शुभ अवसर समर्पण पखवाड़े (17 सितंबर से दो अक्तूबर 2022 तक) के अंतर्गत हृदय रोग की गंभीरता को देखते हुए 72 लाख लोगों को योगाभ्यास करा कर उन्हें हृदय रोगों एवं आकस्मिक रूप से होने वाले हार्ट अटैक से बचाएगा। इस कार्यक्रम का शुभारंभ माननीय आयुष राज्यमंत्री हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ मुंजापरा महेंद्र भाई जी एवं महासंघ के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष योग गुरु मंगेश त्रिवेदी के किया।

नोट: उपरोक्त सभी योगाभ्यास किसी जानकार योग आचार्य की देखरेख में करें।
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