पूरे देश में दिल की बीमारियों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। तनाव के चलते लाइफस्टाइल संबंधित बीमारियों से तकरीबन हर तीसरा व्यक्ति प्रभावित है। लोगों को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देने वाले हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव की हार्ट अटैक से बुधवार को एम्स में जंग लड़ते-लड़ते आखिरकार मृत्यु हो गई। चिकित्सकों का कहना है कि अपनी लाइफस्टाइल को बदल कर दिल की बीमारियों से बचा जा सकता है। वहीं देश के अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ ने 40 मिनट के 'योगा कैप्सूल' की एक प्रणाली के माध्यम से देश के लोगों को जागरूक करने का प्रयास शुरू किया है। दो अक्तूबर तक देश के सभी राज्यों में चलने वाले इस शिविर के नतीजों को आयुष मंत्रालय में सौंपा जाएगा। ताकि लोगों को उसके नतीजे के आधार पर योगिक क्रियाओं से दिल की बीमारियों और अचानक होने वाले हार्ट अटैक से बचाया जा सके।
अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ की कोषाध्यक्ष मोनिका शर्मा ने बताया कि देश के 650 जिलों में महासंघ के 1900 से अधिक पदाधिकारी लोगों को दिल की बीमारियों से बचाव के बारे में 40 मिनट की योगा कैप्सूल के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इस महा अभियान में 24 हजार से अधिक योग वीरों के माध्यम से मुख्य रूप से 28 वर्ष से 50 वर्ष तक के आयु वर्ग के 72 लाख लोगों को योगाभ्यास कराया जा रहा है, जिसमें कि वह आकस्मिक रूप से होने वाले हार्ट अटैक से बच सकें। अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्यों के चिकित्सकों के संगठन, देश के प्रमुख सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थानों, विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पुलिस, अर्ध सरकारी सैन्यबलों को प्रमुख रूप से जोड़ा गया है। घर की कामकाजी महिलाएं जिन पर अत्यधिक कार्य का दबाव रहता है, उन्हें योगाभ्यास कार्यक्रम में जोड़ा गया है। सभी 72 लाख लोगों का डाटा आयुष मंत्रालय में जमा किया जायेगा और उसका वैज्ञानिक विश्लेषण करके आने वाले समय में योग विशेषज्ञों के माध्यम से हॉस्पिटलों में लोगों को योग के माध्यम से स्वस्थ रखने रखा जाएगा।
योग गुरु मंगेश त्रिवेदी ने बताया कि योगशोध के अनुसार 40 मिनट के योगा प्रोटोकोल में मुख्य रूप से सूर्य नमस्कार, गोमुखासन, ताडासन, अनुलोम विलोम, उज्जायी तथा भ्रामरी प्राणायाम को शामिल किया गया है।