महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को आईपीएस अधिकारी रजनीश सेठ को राज्य का नया पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया। रजनीश सेठ 1988 कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने संजय पांडे से कार्यभार ग्रहण किया। संजय पांडे के पास महाराष्ट्र डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार था। महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम के प्रबंध निदेशक संजय पांडे ने पिछले साल 9 अप्रैल से अतिरिक्त प्रभार के रूप में महाराष्ट्र डीजीपी का पद संभाला था, जब राज्य के तत्कालीन डीजीपी सुबोध जायसवाल को सीबीआई में स्थानांतरित कर दिया गया था।
राज्य को पूर्णकालिक डीजीपी मिले इसकी मांग लंबे समय से की जा रही थी। इतना ही नहीं इसे लेकर बांबे हाईकोर्ट ने भी आलोचना की थी। बांबे हाईकोर्ट द्वारा खिंचाई के बाद राज्य सरकार ने रजनीश सेठ को महाराष्ट्र का डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस बनाया है।
रजनीश सेठ इससे पहले भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) के महानिदेशक के पद पर तैनात थे। डीजीपी कार्यालय के अधिकारी के मुताबिक, रजनीश सेठ गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे डीजीपी कार्यालय पहुंचे और निवर्तमान डीजीपी से पदभार ग्रहण किया। यह दूसरी बार है जब सेठ राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी के रूप में कार्यभार संभाल रहे हैं।
कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं रजनीश सेठ
1988 बैच के आईपीएस अधिकारी रजनीश सेठ मुंबई के आजाद मैदान में हुए दंगे के वक्त मुंबई के लॉ एंड ऑर्डर विभाग के असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर के रूप में तैनात थे। 26/11 के हमले के समय फोर्स वन का गठन किया गया था। तब रजनीश सेठ इस टीम के प्रमुख बनाए गए थे। गृह विभाग के प्रधान सचिव के तौर पर वे जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
ऐसे की जाती है राज्य के डीजीपी की नियुक्ति
राज्य में पुलिस महानिदेशक की नियुक्ति एक प्रक्रिया के तहत होती है। राज्य के 10 वरिष्ठ अधिकारियों के नाम केंद्रीय लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) को भेजे जाते हैं। यूपीएससी की ओर से उनमें से तीन वरिष्ठ अधिकारियों के नामों की सिफारिश की जाती है। इन्हीं तीनों में से किसी एक को डीजीपी के पद पर नियुक्त किया जाता है। महाराष्ट्र के डीजीपी के लिए हेमंत नगराले, के.वेंकटेशम, रजनीश सेठ के नामों की सिफारिश की गई थी। इन नामों में से रजनीश सेठ को आखिर में चुन लिया गया है।