रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अपने ब्रिटिश समकक्ष बेन वालेस से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। बातचीत भारत में सैन्य हार्डवेयर के सह-विकास (को-डेवलपमेंट) और सह-उत्पादन (को-प्रोडक्शन) पर केंद्रित रही।
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राजनाथ सिंह ने औद्योगिक सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि सहयोग के संभावित क्षेत्र की पहचान की गई है। हालांकि, उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया। रक्षा मंत्री ने टेलीफोन पर हुई वार्ता को सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा इसका उद्देश्य रक्षा संबंधों को भविष्य में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने ट्वीट कर कहा, "ब्रिटेन के रक्षा मंत्री बेन वालेस के साथ बात करके खुशी हुई। बातचीत सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों के भविष्य के विकास पर केंद्रित थी।" उन्होंने कहा, "हमने मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा की और द्विपक्षीय सैन्य संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। हमारी बातचीत में क्षेत्रीय विकास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र समेत रक्षा और सुरक्षा मुद्दों के मुद्दों पर व्यापक चर्चा की गई।
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रक्षा मंत्री ने कहा कि चर्चा रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर केंद्रित थी और इसके लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई। उन्होंने कहा, "हमने रक्षा औद्योगिक सहयोग (डिफेंस इंडस्ट्रीयल कॉ-ऑपरेशन) बढ़ाने के तरीकों पर भी चर्चा की और सहयोग के संभावित क्षेत्रों की पहचान की। हमने यह भी सुझाव दिया कि यूके की कंपनियों को भारत के विकास की कहानी का हिस्सा बनना चाहिए और भारत में सह-विकास और सह-उत्पादन में भाग लेना चाहिए।"
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मंत्रियों ने अपने मौजूदा रक्षा सहयोग की संक्षिप्त समीक्षा की और अपने द्विपक्षीय सैन्य संबंधों पर संतोष व्यक्त किया।