एशियाई तटरक्षक एजेंसियों की 18वीं बैठक (HACGAM) में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पारिस्थितिकी तंत्र को संरक्षित करते हुए आर्थिक विकास के लिए समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि भारत, भारत-प्रशांत में खुली और नियम-आधारित समुद्री सीमाओं के लिए खड़ा है। सिंह ने भारत -प्रशांत क्षेत्र में खुली, मुक्त और नियम-आधारित समुद्री सीमाओं के लिए भारत के संकल्प की पुष्टि की।
गौरतलब है कि भारतीय तटरक्षक बल 14 से 18 अक्टूबर, 2022 तक होने वाली 18वें HACGAM बैठक की मेजबानी कर रहा है। इस बैठक में 18 देशों और दो अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के कुल 55 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस चार दिवसीय आयोजन के दौरान समुद्री पर्यावरण संरक्षण, समुद्री खोज और बचाव और समुद्री कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में समुद्री प्रमुखता के मुद्दों पर कार्य-स्तरीय चर्चा और उच्च-स्तरीय विचार-विमर्श किया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि साथ ही, एशियन कोस्ट गार्ड के प्रमुखों की इस मण्डली के प्रमुख परिणामों को शामिल करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। जो इस बहुपक्षीय मंच के लिए अगले HACGAM तक विभिन्न सहयोगी पहलों की योजना बनाने और संचालन करने के लिए एक रोडमैप के रूप में कार्य करेगा।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को एशियाई तटरक्षक एजेंसियों की 18वीं बैठक (HACGAM) को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने भारत-प्रशांत क्षेत्र में खुली और नियम-आधारित समुद्री सीमाओं के लिए भारत के संकल्प को प्रदर्शित किया। साथ ही राजनाथ सिंह ने कहा कि पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को संरक्षित करते हुए आर्थिक विकास के लिए समुद्री संसाधनों का सतत उपयोग किया जाना चाहिए।
HACGAM को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारे देश के इतिहास को देखें तो पता चलता है कि भारत एक शांतिप्रिय समाज रहा है, जिसने कभी किसी विदेशी भूमि पर आक्रमण नहीं किया है। भारत ने हमेशा सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों और अन्य देशों की क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि भारत सभी देशों से समान भागीदार व्यवहार करता है। उन्होंने कहा कि भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में खुली और मुक्त, नियम-आधारित समुद्री सीमाओं के लिए संकल्पित है। इसमें किसी भी देश को इसके उचित उपयोग से बाहर करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। इस कोशिश में भारत अपने सभी समान विचारधारा वाले देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है।
इस दौरान उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का साझा दृष्टिकोण समुद्री क्षेत्र में सभी की सुरक्षा और विकास के साथ सतत विकास लक्ष्यों पर केंद्रित है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने समुद्री सुरक्षा की चुनौतियों से निपटने के लिए समुद्री देशों के बीच प्रभावी सहयोग का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में समुद्री सुरक्षा के लिए सतर्क रहने और उसे सुनिश्चित करने के लिए तटरक्षक एजेंसियों की भूमिका के लिए सराहना की। उन्होंने एजेंसियों से संबंधित राष्ट्रीय नौसेनाओं की क्षमताओं को पूरा करने और एक सुरक्षित समुद्री वातावरण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
HACGAM- ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, ब्रुनेई, कंबोडिया, चीन, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, पाकिस्तान, फिलीपींस, सिंगापुर, श्रीलंका, थाईलैंड, तुर्किये, वियतनाम और एक क्षेत्र यानी हांगकांग (चीन) सहित 23 देशों का एक बहुपक्षीय मंच है।