कश्मीर में होने वाले सीजफायर पर भारत ने रमजान के मद्देनजर विराम लगाया हुआ है। रमजान के पाक महीने में भारत सरकार ने जवानों को निर्देश दिए हैं कि वह पड़ोसी देश के खिलाफ किसी तरह की सैन्य कार्रवाई ना करे। हालांकि पाकिस्तान लगातार घाटी में सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है। जिसमें कई जवानों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सीजफायर की अवधि बढ़ाए जाने को लेकर सेना, सुरक्षा बल और राजनीतिक नेतृत्व में मतभेद है। इस वजह से फिलहाल इसपर कोई फैसला नहीं हो पाया है। इस ममाले पर आज गृहमंत्री राजनाथ सिंह, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
कश्मीर सीजफायर उल्लंघन मामले पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान कहा है, '16 जून यानी ईद तक सीजफायर लागू रहेगा। सीजफायर बढ़ाने पर ईद के बाद बोलूंगा।' सभी संबंधित पक्ष घाटी में सुरक्षा और राजनीतिक बातचीत की संभावना से जुड़े सभी पहलूओं पर विचार विमर्श कर रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
हंसराज अहीर का कहना है, 'रमजान के दौरान सैन्य कार्रवाही पर रोक लगने के अच्छे परिणाम मिले हैं। आम लोग इस निर्णय से संतुष्ट हैं। सैन्य कार्यवाही ना करने की अवधि को बढ़ाया जाएगा या नहीं इसका फैसला सरकार करेगी।'
बता दें कि गुरुवार दोपहर बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इस बैठक के बाद गृहसचिव राजीव गौबा ने भी अलग से अधिकारियों के साथ बैठक की। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता भारत भूषण बाबू ने कहा कि सीजफायर बढ़ाने का मसला इन बैठकों के एजेंडे में नहीं था। इन बैठकों में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई है।
हालांकि उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि अगर
सीजफायर की अवधि बढाई जाती है तो गृहमंत्रालय इसकी आधिकारिक जानकारी देगा। सूत्रों के मुताबिक यह फैसला गृहमंत्री स्तर पर ही लिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए), सेना और सुरक्षा बल इसकी अवधि बढ़ाए जाने के पक्ष में नहीं हैं। इनकी राय है कि अवधि बढाए जाने से आतंकियों को अपनी जमीन मजबूत करने का भरपूर मौका मिल जाएगा।