असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (एनआरसी) के फाइनल ड्राफ्ट पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को राजनीति न करने की नसीहत दी। लोकसभा में इस मुद्दे पर हंगामे केबीच राजनाथ ने कहा कि रिपोर्ट निष्पक्ष है। जिनके नाम रजिस्टर में नहीं है उसके सामने अभी कई विकल्प मौजूद हैं। गृह मंत्री ने इस दौरान विपक्ष को इस मामले में सरकार का हाथ होने की बात साबित करने की चुनौती दी।
गृह मंत्री ने कहा कि सभी जानते हैं कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है। सब कुछ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुआ है। यह ड्राफ्ट सूची है, अंतिम सूची नहीं। कुछ लोग अनावश्यक रूप से भय का माहौल पैदा कर रहे हैं। जिनका नाम रजिस्टर में दर्ज नहीं है उन्हें अभी कई स्तर पर अपनी नागरिकता साबित करने के विकल्प हैं। ऐसे लोग न्यायाधिकरण में जा सकते हैं। जिनका नाम सूची में नहीं है उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
विपक्ष के सरकार पर धार्मिक आधार पर बंटवारे की राजनीति के आरोपों पर भी गृह मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मैं पूरे सदन को इस पूरी प्रक्रिया में सरकार के हाथ होने की बात साबित करने की चुनौती देता हूं। सभी जानते हैं कि इसमें केंद्र की कोई भूमिका नहीं है। सारा कुछ सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और निगरानी में हो रहा है। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।