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राजनाथ सिंह ने कहा- पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है तो हमारी भी हां है, मगर खुद उठाए पहला कदम

Sun, 27 May 2018 02:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राजनाथ सिंह
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केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ बातचीत करने के विरुद्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद को इसकी अगुवाई करनी होगी। इसके साथ ही सीमापार से होने वाली घुसपैठ को रोकने के लिए प्रयास करने होंगे और आतंकियों के खिलाफ संयुक्त कदम उठाने के लिए आगे आना होगा। मंत्री ने कहा कि कश्मीर में हालात सामान्य करने की कोशिशें जैसे कि वार्ताकार की नियुक्ति के अपेक्षित नतीजे नहीं मिले हैं।

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सिंह ने कहा कि सरकार कश्मीर में शांति की स्थापना के लिए प्रतिबद्ध है और यदि घाटी में स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहती है तो सरकार रमजान के बाद कश्मीर में युद्ध विराम की अवधि को बढ़ा सकती है। उन्होंने कहा, यदि पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है तो हम बात क्यों नहीं करेंगे? हम अपने पड़ोसी के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं। लेकिन पड़ोसी को कुछ प्रयास तो करने होंगे। पाकिस्तान हमारी सीमाओं पर गोलीबारी कर रहा है जिसमें युद्ध विराम का उल्लंघन भी शामिल है। वह आतंकवादियों की घुसपैठ में मदद करने की कोशिश कर रहा है। वह अपने तरीकों में सुधार नहीं कर रहा है लेकिन उसे एक दिन अपने रास्ते बदलने होंगे।

राजनाथ ने कहा, 'रमजान के दौरान हमने अपने सभी ऑपरेशन पर रोक लगा रखी है लेकिन आप युद्ध विराम का उल्लंघन कर रहे हैं। तुम हमारे मुस्लिम भाई और बहनों को कश्मीर में रमजान के दौरान शांतिपूर्ण रहने नहीं देना चाहते हो। यह आपके मंसूबों को दिखाता है। पाकिस्तान को कश्मीरियों के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। अगर उन्हें कोई सहानुभूति होती तो वह हमारे कदम का स्वागत करते। यह कुछ ऐसा है जिसे कश्मीर के लोगों को समझने की जरुरत है। पाकिस्तान कश्मीरियों को एक उपकरण के तौर पर प्रयोग करता है।' 
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पाकिस्तान हमेशा कहता रहता है कि वह आतंकियों को बढ़ावा नहीं दे रहा है। यदि ऐसा हो तो उसे हमारे साथ मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान को आतंकियों को बढ़ावा देना बंद करना चाहिए। सार्वजनिक तौर पर वह कहते रहते हैं कि हम ऐसा नहीं कर रहे हैं। अगर ऐसा है तो साथ आइए और हम मिलकर इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं। यदि उनमें चाहत और ईमानदारी है तो उन्हें ऐसा करना चाहिए।'

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