रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कोरोना संकट से उबरने के लिए मंगलवार को सभी राज्यपालों से बात की। उन्होंने राज्यपालों से कहा कि वे अपने-अपने राज्यों में इस संकट से बाहर आने के लिए पूर्व सैनिकों की सेवा लें। बातचीत के दौरान राजनाथ ने राज्यपालों से कोरोना महामारी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली और कहा कि इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में वे राज्य प्रशासन को भरोसे में लें।
रक्षामंत्री ने केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों से भी बात की और महामारी का जायजा लिया। देशभर में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में रक्षामंत्री तीनों सेनाओं की सहायता की निगरानी करते रहे हैं।
एक ट्वीट में राजनाथ ने कहा कि राज्यों में कोरोना के हालात को देखते हुए नर्सों, लैब तकनीशियनों और राज्य में रह रहे पूर्व सैनिकों की सेवा ली जा सकती है। गौरतलब है कि सेना के तीनों अंगों और रक्षा मंत्रालय के अन्य निकाय विभिन्न राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सहायता दे रहे हैं।
पूर्व सैनिकों के उपचार व स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रतिबद्ध : सेना
सेना की ओर से कहा गया है कि वह अपने पूर्व सैनिकों को कोरोना के उपचार और उनकी देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है। उन्हें किसी भी सहायता के लिए नजदीकी सैन्य केंद्रों पर आने को कहा। एक बयान में कहा गया है कि भारतीय सेना पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए अपनी चिकित्सीय क्षमता को बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए हैं। दिल्ली के बेस अस्पताल और सभी सैन्य अड्डों पर अस्पताल बिना थके काम कर रहे हैं।