आयोजित होगा एशिया का सबसे बड़ा एयरो शो
अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनी लगाने वाले 731 लोगों ने पंजीकरण कराया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, पांच दिवसीय कार्यक्रम का विषय 'द रनवे टू अ बिलियन ऑपोर्च्यूनिटीज' होगा। येलहंका स्थित वायु सेना स्टेशन पर करीब 35,000 वर्ग मीटर के कुल क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा एयरो शो आयोजित होगा। बयान में कहा गया है कि रक्षामंत्री सिंह ने सभी हितधारकों से प्रतिभागियों के लिए फुलप्रूफ व्यवस्था सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
एयरो इंडिया 2023 में नए भारत के उदय का होगा प्रदर्शन
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ''उन्होंने (राजनाथ सिंह) कहा कि एयरो इंडिया 2023 केवल एक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इसमें रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र के बढ़ते कौशल और एक मजबूत और आत्मनिर्भर 'नए भारत' के उदय का प्रदर्शन होगा। बयान में कहा गया है कि 'रक्षा क्षेत्र में भागीदारी बढ़ाकर साझा समृद्धि' विषय पर रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) का गोलमेज सम्मेलन एयरो इंडिया के तहत आयोजित किए जा रहे प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं।
'एयरो इंडिया सभी हितधारकों को मंच प्रदान करने का माध्यम'
मंथन स्टार्ट-अप कार्यक्रम और बंधन समारोह पांच दिनों में एक शानदार एयर शो के साथ इस कार्यक्रम का भी हिस्सा होंगे। सिंह ने यह भी कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग एक परिवर्तनकारी दौर से गुजर रहा है और निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी उस बदलाव के लिए सबसे बड़ा उत्प्रेरक है। उन्होंने कहा, 'न केवल निजी क्षेत्र, बल्कि अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और शिक्षाविद भी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। एयरो इंडिया सभी हितधारकों को संयुक्त रूप से रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान करने के लिए एक मंच प्रदान करने का एक माध्यम है।
अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना उद्देश्य : रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री ने कहा कि एयरो इंडिया एक व्यावसायिक कार्यक्रम है, लेकिन इसका उद्देश्य अन्य देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना भी है। उन्होंने एयरो इंडिया के कई संस्करणों के सफल आयोजन के लिए बेंगलुरु की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन कर्नाटक को विमानन और एयरोस्पेस उद्योग के केंद्र के रूप में आकार दे रहा है। सिंह ने कर्नाटक को अग्रणी राज्यों में से एक बताया जो देश के आर्थिक विकास में योगदान देता है।
उन्होंने कहा, "राज्य अपनी कुशल जनशक्ति और मजबूत रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के लिए जाना जाता है। यह घरेलू और बहुराष्ट्रीय रक्षा और विमानन कंपनियों के लिए विनिर्माण और अनुसंधान एवं विकास गतिविधियों के लिए एक पसंदीदा केंद्र है।