देश के कुछ राज्यों में लव जिहाद पर कानून बन गया है और कुछ में बनाने की मांग उठ रही है। इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को समाचार एजेंसी एएनआई को साक्षात्कार दिया। इसमें उन्होंने लव जिहाद को लेकर अपने विचार रखे। रक्षा मंत्री ने कहा कि बहुत से मामलों में जबरन धर्मांतरण किया जाता है। स्वाभाविक शादी होने और जबरन धर्मांतरण के बाद शादी में बहुत अंतर होता है।
राजनाथ से जब पूछा गया कि अब एक हिंदू लड़की यदि किसी मुस्लिम से शादी करना चाहेगी तो वह नहीं कर पाएगी। इस कानून के दुरुपयोग का डर है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'हमारा कहना है कि धर्मांतरण होना ही क्यों चाहिए। कहीं-कहीं सामूहिक धर्मांतरण किया जाता है। ये सिलसिला बंद होना चाहिए। ये रुकना चाहिए। जहां तक मुस्लिम समाज का प्रश्न है, जहां तक मेरी जानकारी है दूसरे धर्म के लोगों से मुस्लिम समाज के लोग शादी नहीं कर सकते हैं। शादी के लिए धर्मांतरण कराना, इसे मैं व्यक्तिगत तौर पर उचित नहीं मानता हूं।'
रक्षा मंत्री से जब पूछा गया कि कई मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें लड़के धर्मांतरण नहीं करवाना चाहते और लड़कियां हो भी नहीं रही हैं। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'आपने बहुत सारे मामलों को देखा होगा कि जबरन, लालच देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है। ऐसे भी मामले आए हैं। स्वाभाविक रूप से शादी होना और जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाकर शादी करना, दोनों में बहुत बड़ा अंतर है। मैं समझता हूं कि सरकारों ने जो कानून बनाया है इन सारी चीजों को ध्यान में रखकर बनाया है।'
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भाजपा नेता से जब पूछा गया कि इस तरह के कानून से भाजपा की छवि पर असर पड़ता है। दूसरे धर्मों को नीचा दिखा, ये एक नीति का मसला है ऐसा समझा जाता है। इसके जवाब में उन्होंने कहा, 'कभी नहीं। मैं तो ये मानता हूं कि जो सच्चा हिंदू होगा वो जाति, पंथ अथवा मजहब के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करेगा। कभी नहीं करेगा।'