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Milan 2026: मिलन 2026 के उद्घाटन में राजनाथ सिंह बोले- भारत स्थापित करना चाहता है समतामूलक समुद्री व्यवस्था

Thu, 19 Feb 2026 04:56 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापत्तनम

सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत समतामूलक समुद्री व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने समुद्री डकैती, आतंकवाद, अवैध गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन से बढ़ती आपदाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक नौसैनिक सहयोग को अनिवार्य बताया। उन्होंने 74 देशों की भागीदारी वाले मिलन 2026 को भारत की बढ़ती समुद्री भूमिका और वैश्विक विश्वास का प्रतीक बताया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को विशाखापत्तनम में बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास मिलन 2026 का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा है कि भारत अंतरराष्ट्रीय कानून और नौवहन की स्वतंत्रता पर आधारित एक समतामूलक समुद्री व्यवस्था स्थापित करना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को मिलकर काम करना होगा।
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पारंपरिक खतरों के साथ उभर रही अन्य चुनौतियां :रक्षा मंत्री
उन्होंने कहा, 'पारंपरिक खतरों के साथ-साथ उभरती चुनौतियां भी मौजूद हैं। समुद्री डकैती, समुद्री आतंकवाद, अवैध मछली पकड़ना, तस्करी, साइबर जोखिम और महत्वपूर्ण आपूर्ति शृंखलाओं में व्यवधान जैसी समस्याएं गंभीर हैं। जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं, जिससे मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों की मांग भी बढ़ी है।'
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राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई भी एक नौसेना इन चुनौतियों से अकेले नहीं निपट सकती, इसलिए सहयोग अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि अंतरराष्ट्रीय जल से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए 'युनाइटेड नेशंस कन्वेंशन ऑन द लॉ ऑफ द सी' एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है। उन्होंने व्यापक वैश्विक नौसैनिक संरचना की जरूरत पर बल दिया, जो सूचना साझाकरण, समुद्री संचार मार्गों की सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण सुनिश्चित करे।
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भारत की समुद्री नीति 'सागर' से आगे बढ़कर 'महासागर' दृष्टि तक विकसित :राजनाथ सिंह
उन्होंने बताया कि भारत की समुद्री नीति 'सागर' से आगे बढ़कर 'महासागर' दृष्टि तक विकसित हुई है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है। उन्होंने कहा कि 74 देशों की भागीदारी के साथ मिलन 2026 अब तक का सबसे बड़ा और समावेशी संस्करण है, जो भारत पर वैश्विक समुद्री समुदाय के विश्वास को दर्शाता है।

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