लोकसभा में मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल कॉन्प्रेंस के नेता हसनैन मसूदी के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर दिए बयान के लिए सदन से मांफी मांगने को कहा। सांसद के बयान पर गृह मंत्री अमित शाह ने भी कड़ी आपत्ति जताई। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक थे।
दरअसल लोकसभा में मंगलवार को जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्प्रेंस (जेकेएनसी) पार्टी के नेता और अनंतनाग से सांसद हसनैन मसूदी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पर एक बयान दिया जिससे सदन में हंगामा हो गया।
हसनैन मसूदी ने चर्चा के दौरान कहा, ''अनुच्छेद 370 लागू करने का प्रस्ताव उस समय संविधान सभा के कैबिनेट में पास हुआ था, उसका कोई विरोध नहीं किया गया था। श्यामा प्रसाद मुखर्जी उस कैबिनेट में थे।''
इसपर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अनुच्छेद 370 का समर्थन कभी नहीं किया। या तो सदस्य को तथ्यात्मक संदर्भ प्रस्तुत करना चाहिए या उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए।"
अमित शाह की आपत्ति और शोरशराबे के बीच मसूदी अपने बयान पर डटे रहे। मसूदी ने कहा, "संविधान सभा के बहस का रिकॉर्ड यहां लाइए। बिल के विरोध में किसी ने वोट नहीं दिया। क्या वह (श्यामा प्रसाद मुखर्जी) कैबिनेट में शामिल नहीं थे।"
इस पर शाह ने कहा, "इस तरह से बेबुनियाद बातें यहां नहीं हो सकतीं।" अमित शाह ने लोकसभा स्पीकर से हसनैन मसूदी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
हसनैन मसूदी ने यह भी कहा, "आपको नहीं पता कि आपने क्या खोया। आपने एक करोड़ पच्चीस लाख लोगों का विश्वास खोया, उनका भरोसा खोया। आपने जो कदम उठाए हैं वह संविधान से खिलवाड़ है। अनुच्छेद 370 जो आपने हटाया उसका अधिकार आपके पास है ही नहीं।"