ईंधन, टायर, फाइबरग्लास शेड्स और थर्माकॉल शीट्स घटनास्थल पर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, गेम जोन के लिए सड़क और भवन विभाग से अनुमति मिल गई थी। फायर एनओसी प्राप्त करने के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरण का प्रमाण भी जमा किया था।
गुजरात में राजकोट के एक गेमिंग जोन में आग लगने से 12 बच्चे समेत 27 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना के दो दिन बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें देखा गया कि वेल्डिंग करते समय कैसे आग लगी। 40 सेकेंड के इस वीडियो में भीषण आग देखी जा सकती है, आसपास कई सारे ज्वलनशील पदार्थ रखे हुए थे। आग लगते ही, कई लोग इस ज्वलनशील पदार्थों को आग से दूर करने लगे।
VIDEO | CCTV footage of fire that broke out at game zone in Rajkot yesterday, leading to the death of 27 people.#Rajkotfirepic.twitter.com/bvmi1YQ36I
आग लगने के स्थान पर रखे हुए थे ज्वलनशील पदार्थ
ईंधन, टायर, फाइबरग्लास शेड्स और थर्माकॉल शीट्स घटनास्थल पर रखा हुआ था। पुलिस के अनुसार, गेम जोन के लिए सड़क और भवन विभाग से अनुमति मिल गई थी। फायर एनओसी प्राप्त करने के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरण का प्रमाण भी जमा किया था। हालांकि, वह फिलहाल प्रक्रिया में था और अभी तक पूरा नहीं हुआ है। गेम जोन में अग्नि सुरक्षा उपकरण थे लेकिन आग पर काबू पाने के लिए पर्याप्त नहीं थे। उन्होंने स्थानीय अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं लिया था। फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला घटनास्थल पर जांच कर रही है।
इस मामले में गेमिंग जोन के मालिक युवराज सिंह सोलंकी और उनके प्रबंधक नितिन जैन को गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया है। चार अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304, 308, 337, 338 और 114 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। चारों आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाश जारी है।
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राज्य सरकार ने किया एसआईटी का गठन
27 में से 25 मृतकों की पहचान हो चुकी है। इस मामले की जांच के लिए राज्य सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। पांच सदस्यों की इस टीम में तकनीकी शिक्षा आयुक्त बीएन पाणि, गांधीनगर में फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक एचपी सांघवी, अहमदाबाद में मुख्य अग्निशमन अधिकारी जेएन खड़िया, और सड़क एवं भवन विभाग के अधीक्षण अभियंता एमबी देसाई शामिल हैं। इस टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सुभाष त्रिवेदी करेंगे। एसआईटी को तीन दिन के भीतर मामले की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।